लोक निर्माण विभाग में बुधवार को टेंडर को लेकर हुए बवाल के मामले में मंत्री के भाई अनुराग पांडेय और बछरावां विधायक रामलाल अकेला के बेटे विक्रांत अकेला, रानू अकेला आमने-सामने आ गए हैं।
मंगलवार को दोनों तरफ से एक दूसरे के खिलाफ सदर कोतवाली में तहरीर दी गई। दोनों ने एक दूसरे पर मारपीट करने और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जगतपुर थाना क्षेत्र के भीख गांव निवासी दिनेश कुमार अवस्थी ने कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया है कि वह बुधवार को प्रांतीय खंड में टेंडर खरीदने गया था।
इसी दौरान सपा विधायक रामलाल अकेला के बेटे विक्रांत अकेला और रानू अकेला निवासी छजलापुर अपने अन्य अज्ञात हथियारबंद साथियों के साथ पहुंचे और उसे पीटना शुरू कर दिया।
हाथ में लिए टेंडर फॉर्म को फाड़ दिया। अन्य लोगों के शोरगुल मचाने पर पुलिस पहुंची तो उसकी जान बची। दूसरा टेंडर फॉर्म लेकर आया तो फिर विक्रांत अकेला और रानू अकेला ने पिस्टल तान दिया और गालीगलौज की।
धमकी दी कि एक सप्ताह के अंदर हत्या करवा दूंगा। पीड़ित ने एसपी को भी पत्र देकर कहा है कि उसे आशंका है कि विधायक व उनके पुत्रों की ओर से उसकी हत्या कराई जा सकती है। उसने मुख्यमंत्री को भी फैक्स किया है। उसने एसपी से सुरक्षा की मांग की है।
उधर, विधायक के बेटे विक्रांत अकेला ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया कि 26 अगस्त को अपने पिता रामलाल अकेला का प्रतिनिधि बनकर विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचा ही था कि पीछे से अनुराग पांडेय निवासी इंदिरा नगर अपने साथी आलोक पांडेय व 10-12 लोगों के साथ रायफल, बंदूक और पिस्टल से लैस होकर पहुंचे और जान से मारने की धमकी दी।
गालीगलौज की। लोगों के बीचबचाव पर उसकी जान बची। साथ ही यह भी धमकी दी कि यहां से चले जाओ नहीं तो तुम्हारी हत्या करा देंगे और उल्टा केस लिखवा दूंगा कि तुम जबरन टेंडर फॉर्म लेने आए थे।