मामूली कहासुनी के बीच बालक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिला जज बीडी मिश्र ने हत्याभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने बताया कि धौरहरा थाने के ग्राम मैलापुरवा मजरा नैनापुर निवासी रामप्रताप वर्मा 18 दिसंबर 2009 की शाम सात बजे गांव में ही स्थित हरद्वारी लाल वर्मा की परचून की दुकान के पास खड़ा था। तभी धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम परसापुरवा मजरा परौरी निवासी विमल दीक्षित उर्फ दन्ना वहां आकर हरद्वारी लाल की परचून दुकान पर हंगामा करने लगा और गालियां देने लगा। जब रामप्रताप ने ऐसा करने पर टोका तो विमल दीक्षित उससे भिड़ गया। जानमाल की धमकी देने के बाद तमंचे से गोली चला दी जो रामप्रताप के लड़के सचिन को लगी। गोली लगने से मौके पर ही सचिन की मौत हो गई। तफ्तीश के दौरान ही 20 दिसंबर 2009 को विमल दीक्षित उर्फ दन्ना क ो गिरफ्तार किया गया तो उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद हो गया। शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर ने रामप्रताप, सूरजलाल, डॉ. एसके पांडेय, कांसटेबिल धनीराम वर्मा, एसआई नंद कुमार, उमाशंकर मिश्र और कोतवाल योगेंद्र प्रताप सिंह की गवाही दर्ज कराई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। कोर्ट ने बृहस्पतिवार को हत्याभियुक्त विमल दीक्षित को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है और उस पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया है कि जमा हुई जुर्माने की रकम में से 75 फीसदी राशि दिवंगत के परिवार वालों को मुआवजा राशि के रूप में दी जाएगी।