अमेठी जिले के जायस कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार को करंट लगने से श्रमिक की मौत पर भड़के ग्रामीणों ने शव रखकर रायबरेली-टांडा हाईवे जाम कर दिया। बहादुरपुर उपकेंद्र में खड़ी एक जीप भी तोड़ डाली।
यह हादसा उस वक्त हुआ जब श्रमिक हाईवे के किनारे बिजली के खंभे लगा रहा था। फोर्स के साथ पहुंचे एसडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी ने पीड़ित परिवार को डेढ़ लाख की सहायता देने का आश्वासन दिलाकर लोगों को शांत कराया।
जायस कोतवाली के पूरे दिरगज मजरे बागेराय गांव निवासी हनुमान (30) मजदूरी करता था। गुरुवार को बहादुरपुर के पास बिजली के खंभे लगाने के दौरान ऊपर से गुजरी एचटी लाइन से हनुमान करंट की चपेट में आ गया।
गंभीर रूप से झुलसे हनुमान को साथी पीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बहादुरपुर पावर हाउस के सामने शव रखकर हाईवे जाम कर दिया।
लोगों का गुस्सा देख उपकेंद्र के कर्मचारी भाग खड़े हुए। वहां खड़ी एक जीप ग्रामीणों ने तोड़ डाली। जायस कोतवाल पीके तिवारी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
इस पर शिवरतनगंज, फुरसतगंज और मोहनगंज थाने की फोर्स भी बुला ली गई। एसडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी और सीओ मधुबन कुमार भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने एनएचआई के ठेकेदार को बुलाकर मृतक के परिवारीजनों को डेढ़ लाख रुपये आर्थिक मदद दिलाने के निर्देश दिए। सहायता मिलने के आश्वासन पर लोग शांत हुए।