रासायनिक खादों नेे समाप्त की
खेतों की उर्वरा शक्ति : शुक्ला
रायबरेली। सेवा भारती की जिला इकाई की ओर रविवार को इंदिरा नगर विद्युत उपकेंद्र के निकट स्थित लॉन में जैविक कृषि सम्मेलन एवं बीज वितरण समारोह का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय जैविक केंद्र गाजियाबाद के सहायक निदेशक डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने कहा कि रसायनिक खादों ने कृषि योग्य भूमि की उर्वरा शक्ति को समाप्त कर दी है। तभी किसानों के मित्र कहे जाने वाले केचुए आज खेतों से नदारत हैं। खेती में अंधाधुंध प्रयोग ने हमारी फ सल चक्त्रस् प्रणाली को नष्ट करके रख दिया है। इसका परिणाम यह है कि आज भूमि के पोषक तत्व नदारत होते जा रहे है। यही कारण है कि हमें अब जैविक खेती की ओर बढ़ने की आवश्यकता है। लगातार वैज्ञानिक शोधो ने गोबर, गोमूत्र, कृषि अपशिष्ट को पोषक तत्वों के रूप में तैयार करने तथा नीम, धतूरे जैसे पौधों को कीट नाशक के प्रयोग के उपयुक्त पाया है। ग्राम भारती के राष्ट्रीय संयोजक कैलाश चंद्र मिश्र ने कहा कि रसायनिक खादों ने खाद्यानों की गुणवत्ता कम कर दी है। आज इस बात की आवश्यकता है कि कम लागत में उत्पादन बढ़ाकर किसानों को खुशहाल किया जा सके। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांतीय सेवा प्रमुख डॉ. देवेंद्र अस्थाना ने बताया कि जिस देश का खाद्यान्न विदेशों में अपनी गुणवत्ता के कारण धूम मचा रहा था, आज रसायनिक खेती ने उसकी गुणवत्ता छीन ली है। नतीजा यह है कि विदेशों में भारतीय खाद्यान्न की मांग घटने से देश का किसान गरीबी की मार छेल रहा है। कार्यक्रम में बेहतर खेती करने वाले किसान विनोद मौर्य, रामशंकर अवस्थी, रामलखन, अमित कुमार, आशुतोष, भानुप्रताप, अमरदीप, कमलेश, सुरेंद्र भाऊ, शिवमोहन आदि किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा भारती के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार वाजपेयी ने की। संचालन लायक सिंह ने किया। इस दौरान किसानों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर संजय सिंह, अनिल मिश्रा, राहुल सिंह, हरिश्चंद्र शर्मा, अनुग्रह नारायण सिंह, सनद बाजपेयी आदि मौजूद रहे।