रायबरेली-सलोन। जिले में निर्माण कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन में मनमानी मिलने पर गुरुवार को प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग व नोडल अधिकारी नवनीत सहगल बिफर गए।
उन्होंने सलोन सीएचसी के निर्माणाधीन भवन की टेक्निकल ऑडिट कमेटी (टीएसी) से जांच कराने के आदेश दिए। साथ ही ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के घटिया निर्माण पर समाज कल्याण निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता केजी दुबे को निलंबित करने की संस्तुति कर दी।
ट्रेनिंग सेंटर के डिजाइन को पास कराने वाली संस्था को भी काली सूची में डालने के निर्देश दिए। समाज कल्याण अधिकारी को काम में सुधार न लाने पर निलंबन की चेतावनी दी।
उन्होंने योजनाओं की खराब प्रगति पर दो अधिकारियों को चेतावनी पत्र देने के साथ ही आठ विभागों के अफसरों को फटकार लगाई।
दो दिवसीय दौरे पर आए प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने गेस्ट हाउस में गुरुवार सुबह लोगों की शिकायतों को सुनने के बाद बचत भवन में करीब पांच घंटे तक विकास कार्यों की समीक्षा की।
किसानों को ऋण माफी का पूरा लाभ न देने पर जिला कृषि अधिकारी रवि चंद्र प्रकाश और मनमाने तरीके से हो रहे खनन पर जिला खनन अधिकारी सुरेंद्र सिंह को चेतावनी पत्र जारी किया।
इसके अलावा पारिवारिक लाभ के 450 व शादी अनुदान के 250 से अधिक आवेदनों के लंबित होने पर समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह को फटकार लगाते हुए निलंबन की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि विभाग के प्रमुख सचिव से बजट के संबंध में 10 अगस्त को बात कर रिपोर्ट दें। प्रमुख सचिव ने एनएच, पीडब्ल्यूडी, नहर विभाग, सिंचाई विभाग, आरडीए, नगर पालिका के अधिकारियों को अतिक्रमण के संबंध में फटकार लगाते हुए 31 अगस्त तक प्रमाणपत्र देने के आदेश दिए।
डूडा के परियोजना अधिकारी व नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को 10 दिन में सभी पात्रों को पीएम आवास देने के आदेश दिए।
प्रमुख सचिव को सलोन में सीएचसी के निर्माणाधीन भवन का काम बेहद खराब मिला। निर्माण सामग्री का नमूना भरवाने के साथ ही कार्य के टीएसी जांच के आदेश दिए।
निर्माण इकाई समाज कल्याण निर्माण निगम के अधिकारियों को भी फटकार लगाई। कुंदनगंज में निर्माणाधीन ड्राइविंग एवं रिसर्च सेंटर की हालत देख वह भड़क गए।
डिजाइन खराब मिलने, दीवारें टेढ़ी-मेढ़ी होने सहित अन्य तमाम बड़ी खामियां मिलने पर निर्माण इकाई समाज कल्याण निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता केजी दुबे को निलंबित करने की संस्तुति कर दी। साथ ही डिजाइन को पास कराने वाली संस्था को भी काली सूची में शामिल होने के लिए पत्र लिखने के आदेश दिए।