रायबरेली। लोकसभा चुनाव के लिए जमा 35 पर्चों में 19 को निरस्त किए जाने का अब विरोध शुरू हो गया है। अखिल भारतीय अपना दल व जस्टिस पार्टी के पदाधिकारियों ने चुनाव आयोग और प्रेक्षक को शिकायतीपत्र भेजकर निरस्त नामांकन पत्रों की दोबारा जाने कराने की गुहार लगाई है।
आरोप लगाया कि चुनाव में एक ईवीएम के प्रयोग के लिए ही नामांकन पत्रों को निरस्त किया गया है। इसकी जांच कराकर पर्चों को वैध करार दिया जाए।
चुनाव आयोग को भेजे ज्ञापन में अखिल भारतीय अपना दल के जिलाध्यक्ष अमृत लाल पटेल व अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पार्टी से करुणा शंकर पटेल ने पर्चा भरा था, लेकिन जिला प्रशासन ने बिना कारण बताए ही पर्चे को खारिज कर दिया है।
एक ईवीएम के प्रयोग और उसमें गड़बड़ी कर चुनाव परिणाम हासिल करने के मकसद से ऐसा किया गया है, इसलिए निरस्त किए गए पर्चों की दोबारा जांच कराई जाए।
ऐसा न किए जाने पर लोकसभा चुनाव का पार्टी बहिष्कार करेगी। जस्टिस पार्टी के प्रत्याशी इंद्रपाल पासी ने भी मनमाने तरीके से बिना कारण बताए ही पर्चे को खारिज करने का आरोप लगाया है। पर्चो की दोबारा जांच की मांग की है।
खारिज होने वाले पर्चों में आठ पार्टी व 11 निर्दलीय दावेदार
नामांकन पत्रों की जांच में खारिज किए गए 19 पर्चों में आठ दावेदार विभिन्न पार्टियों के थे। इसके अलावा 11 निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल हैं। खारिज होने वाले पर्चों में जस्टिस पार्टी के इंद्रपाल पासी, राष्ट्रीय जन अधिकार पार्टी के ओम प्रकाश सिंह, अखिल भारतीय अपना दल के करुणा शंकर पटेल, जन सेवा सहायक पार्टी के राजेश कुमार, राष्ट्र व्यापी जनता पार्टी के विजय कुमार, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया के श्रीराम मौर्या, भारत प्रभात पार्टी के संतोष सिंह, राष्ट्रीय किसान श्रमिक पार्टी के सुरेश शामिल हैं। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों में मो. इरफान, ओम प्रकाश, दिनेश कुमार, डॉ. बीएन पाल, मनीष गौतम, राहुल सिंह, रुदे्रश प्रताप सिंह, लछिमन, मो. सगीर खान, सहादल अली खान और सुनील कुमार के पर्चे खारिज किए गए हैं।
आज वापस लिए जा सकते हैं नामांकन पत्र
लोकसभा चुनाव के लिए जमा नामांकन पत्रों की जांच के बाद शेष बचे 15 पर्चों के लिए नाम वापसी 22 अप्रैल को होगी। दोपहर दो बजे तक जो भी चाहे अपना नामांकन पत्र वापस ले सकता है। इसके बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्हों का वितरण किया जाएगा।
चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों पर खरे न उतरने वाले नामांकन पत्रों को ही खारिज किया गया है। नामांकन पत्रों व शपथपत्रों में सभी कॉलम कंप्लीट न होने के कारण ही खारिज किया गया है। जिन पर्चों में कमी मिली, उन्हीं को निरस्त कराया गया है। इस कार्य में नियमों का शत-प्रतिशत पालन कराया गया है।
नेहा शर्मा, डीएम/ जिला निर्वाचन अधिकारी