लालगंज/महराजगंज/खीरों। लगातार हो रही बारिश आफत बनकर कहर बरपा रही है। लालगंज में दीवार गिरने से एक वृद्धा की मौत हो गई।
सोमवार रात बारिश में महाराजगंज और खीरों क्षेत्र में 43 कच्चे मकान ढह गए। इसमें महिला समेत दो लग घायल हो गए। सड़क पर गिरे पेड़ों से दो मार्गों का आवागमन भी बाधित रहा।
लालगंज कस्बे के अल्ला नगर बाईपास रोड निवासिनी जैतूना (75) पत्नी स्व. सैफी का कच्चा मकान बना हुआ था। दीवार के ऊपर टीन शेड रखा हुआ था।
बारिश होने के कारण मंगलवार भोर तीन बजे दीवार अचानक गिर गई, जिससे दीवार के मलबे के नीचे जैतूना दब गई। वृद्ध महिला के दीवार के नीचे दबने से हड़कंप मच गया।
परिवारीजन व मोहल्ले के लोगों ने आननफानन मलबे को हटाया और महिला को बाहर निकाला। परिवारीजन महिला को सीएचसी लाए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दीवार के नीचे दबकर हुई वृद्ध महिला की मौत की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना तहसील प्रशासन को दी गई तो मौके पर लेखपाल पहुंचे और जरूरी लिखापढ़ी की। प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने बताया कि काफी समझाने-बुझाने के बाद परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम कराया।
वहीं खीरों ब्लॉक क्षेत्र में बारिश से उदवतपुर-बनईमउ मार्ग पर बदाली का पुरवा गांव के पास सड़क पर महुवा व बबूल के पेड़ तथा सेमरी-खीरों मार्ग पर केतनापुर गांव के पास बबूल का पेड़ गिर जाने से दोनों मार्गों का आवागमन ठप रहा।
मंगलवार की सुबह ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने केतनापुर गांव के पास का पेड़ हटाकर आवागमन चालू करवाया।
दूसरी जगह गिरे महुआ का पेड़ नहीं हटाए जाने से उदवतपुर-बनईमऊ मार्ग पूरा दिन बाधित रहा। मथुराखेड़ा मजरे खीरों निवासी मोतीनाई, जयप्रकाश पाल, नरेश कुशवाहा, शिद्धनाथ, मनोज, उमा शंकर, कृष्ण कुमार, प्रेम शंकर, दुर्गा शंकर व रफीक नगर मजरे खीरों निवासी शकील सहित 10 लोगों के घर गिर गए।।
जय प्रकाश पाल की दीवार गिरने से उनके पड़ोसी संतोष की पत्नी गीता देवी दबकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। दीवार की चपेट में आने से संतोष कुमार का टिन शेड भी टूट गया और दुर्गा शंकर का मकान ढहने से उनकी बाइक भी दबकर टूट गई।
सभी मकानों की गृहस्थी भी दबकर नष्ट हो गई। क्षेत्रीय लेखपाल दया शंकर अग्निहोत्री ने बताया कि सभी गिरे हुए घरों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपकर शासन से मिलने वाली सहायता दिलाई जाएगी।
महराजगंज तहसील क्षेत्र के विशुनपुर गांव में पानी टंकी के निकट शान मोहम्मद की कच्ची कोठरी गिर गई। कोठरी गिरने से शान मोहम्मद भी घायल हो गया। उसे पीएचसी में भर्ती कराया गया है।
इसी तरह रीवां गांव में राजबहादुर, हरभजन, सरदार खेड़ा मजरे खजूरों में शत्रोहन, पाली गांव में राम सजीवन, फूलमती, गुड्डू, रामसेवक, खैरहनी में रामाधार, सोहनलाल, गूढ़ा में आशाराम, चंद्रशेखर, जगदीश, देवीदीन के अलावा शंभू, परीदीन, अरुण के कच्चे मकान ढह गए।
जुगराजपुर गांव में नन्हऊ, रामदेव, बरहुवां में राकेश यादव, सीवन में सुरेंद्र कुमार, नंदलाल, सुरेश कुमार, सुखदेई के मकान भी गिर गए।
इचौली गांव में रामरती, खैरहनी में रामाधार, सोहन लाल, कोटवा मदनिया में भीखू, हरिशंकर, बुधई, हरिशंकर, रामभवन, सर्वेश के मकान ढह गए।
करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। तहसीलदार ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि लेखपालों की रिपोर्ट आने पर मुआवजा दिलाया जाएगा।
पूर्व विधायक के साथ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
शिवगढ़ (रायबरेली)। शारदा सहायक खंड 28 हैदरगढ़ की शिवगढ़ ड्रेन में पानी उफनाने से फसल नुकसान पर ग्रामीणों ने पूर्व विधायक रामलाल अकेला के साथ प्रदर्शन किया।
शिवगढ़ के बांदा-बहराइच मार्ग पर पिपरी ग्राम सभा स्थित शारदा सहायक खंड 28 हैदरगढ़ का बना पुल धंस गया था. जिसके चलते बगल से डायवर्जन पीडब्लूडी विभाग द्वारा बनाया गया था।
बाईपास इतना संकरा था कि उसमें जलकुंभी आकर फंस गई। इससे ड्रेन उफना गई थी और किसानों की फसल जलमग्न हो गई थी।
पुल के डायवर्जन का साइज बड़ा करने की मांग को लेकर लगभग सैकड़ों किसान पुल पर पहुंच गए और बांदा-बहराइच सड़क जाम करने की धमकी देने लगे।
वहां पर पूर्व विधायक सपा रामलाल अकेला पहुंच गए। ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। सूचना पर एसओ श्रीराम भारती पहुंच गए और समस्या से राहत दिलाने के लिए अफसरों से बात की। इस पर लोग शांत हुए। इस मौके पर विनय वर्मा, महेंद्र वर्मा, साहब शरण वर्मा, जगदीश प्रसाद, सियाराम वर्मा मौजूद रहे।