रायबरेली। जिला पंचायत के सभागार में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब जिम्मेदारों को प्रवेश न देने पर मारपीट हो गई। एक-दूसरे को जमकर पीटने के साथ कपड़े फाड़ डाले गए।
इससे बैठक में अफरातफरी मच गई। वरिष्ठ नेताओं ने आपस में भिड़ने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को समझाया और उनको मनाकर अंदर ले जाने की कोशिश की, लेकिन जिम्मेदारों ने जाने से इनकार कर दिया। बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
सुबह करीब 11.30 बजे जिलाध्यक्ष रामदेव पाल की मौजूदगी में बैठक शुरू हुई। इसमें बूथ का सत्यापन, बूथ स्तर पर 21 लोगों की समिति बनाने, वॉल राइटिंग कराने, बाइक रैली निकालने समेत अन्य योजनाओं पर चर्चा चल रही थी।
इसी दौरान दो जिम्मेदार भाजपा नेता बैठक में पहुंचने के लिए पंजीकरण सीट पर पहुंचे। इसी दौरान पंजीकरण कर रहे लोगों ने अंदर जाने से मना कर दिया।
इसी बात को लेकर कहासुनी, गालीगलौज और फिर मारपीट हो गई। बैठक में मौजूद वरिष्ठ पदाधिकारी बाहर आए और दोनों पक्षों को शांत कराकर जिम्मेदारों को अंदर ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने जाने से इंकार कर दिया।
बैठक में विधायक दल बहादुर कोरी, रामनरेश रावत, एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह, आरबी सिंह, पशुपतिशंकर वाजपेयी, अजय त्रिपाठी, अनुभव कक्कड़, बुद्धीलाल पासी, मीना पांडेय, अनीता श्रीवास्तव, विशाल पांडेय मौजूद रहे। उधर, जिलाध्यक्ष रामदेव पाल का कहना है कि मारपीट के बारे में जानकारी नहीं है।