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सात माह बीते, नियमित जेल अधीक्षक की नहीं हो सकी तैनाती

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सात माह बीते, नियमित जेल अधीक्षक की नहीं हो सकी तैनाती
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रायबरेली। 25 नवंबर 2018 को असलहा-कारतूस के बीच बंदियों की पार्टी करने का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में जेल अधीक्षक प्रमोद शुक्ला, जेलर समेत अन्य सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया था।

इसके बाद से नियमित जेल अधीक्षक की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में यहां की सुरक्षा रामभरोसे है। मौजूदा समय में यहां पर करीब 800 बंदी बंद चल रहे हैं। जेलर ज्ञान प्रकाश का कहना है कि नियमित अधीक्षक की तैनाती नहीं हुई है।
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लखनऊ आदर्श कारागार के अधीक्षक आरएन पांडेय को ही अतिरिक्त चार्ज यहां का भी दिया गया है। जो सप्ताह में एक या फिर दो बार ही आते हैं।

बंदियों से उठक-बैठक लगवाने के मामले में शातिर बंदी आकाश यादव समेत दो लोगों पर विभिन्न धाराओं में देर रात एफआईआर दर्ज कर ली गई। इंस्पेक्टर अरुण कुमार अवस्थी को प्रकरण की जांच सौंपी गई है।

सदर कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि जेलर ज्ञान प्रकाश की तहरीर पर बुधवार रात बंदी आकाश यादव और एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

इसमें बंदियों को उठक-बैठक कराने, एक दूसरे को थप्पड़ मरवाने और वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया गया है। इंस्पेक्टर अरुण कुमार अवस्थी को प्रकरण की जांच सौंपी गई है।
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जेल के अंदर से बरामद मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि चहारदीवारी के अंदर से कौन-कौन किससे बात कर रहा था।

नंबर ट्रेस करने के बाद बंदियों से बात करने वालों को भी पुलिस कार्रवाई कर सकती है। एसपी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि केस दर्ज करा दिया गया है। जांच कराई जा रही है। मामले में कार्रवाई कराई जाएगी।
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