जिला अस्पताल की पीडियाट्रिक ओपीडी में चिकित्सकों के अभद्र व्यवहार पर भड़के लोग
रायबरेली। जिला अस्पताल की पीडियाट्रिक ओपीडी में शनिवार को बवाल हो गया। भांजी का इलाज कराने आए एक तीमारदार ने चिकित्सकों से न सिर्फ गालीगलौज और मारपीट की, बल्कि ईंट भी चलाए। तीमारदार ने एक चिकित्सक को पीटा, जबकि दूसरे चिकित्सक पर ईंट से हमला करके घायल कर दिया।
इस घटना से परिसर में मौजूद रोगियों में भगदड़ मच गई। बताया जाता है कि चिकित्सकों ने तीमारदार से अभद्र व्यवहार किया, जिससे वह भड़क गया और मारपीट पर आमादा हो गया। एक चिकित्सक का आरोप है कि लाइन में न लगकर तीमारदार पहले इलाज करने की जिद पर अड़ा था।
मना करने पर विवाद किया। मारपीट के दौरान तीमारदार की बहन भी घायल हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मारपीट करने वाले तीमारदार को हिरासत में ले लिया। पीडियाट्रिक ओपीडी में डॉ. अजय गौतम अपने कक्ष में बैठकर रोगियों का इलाज कर रहे थे।
इसी दौरान गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के ढेकवा गांव का रहने वाला इजहार अपनी बहन रजिया बानो के साथ भांजी शिफा बानो (7) का इलाज कराने आया था। उसके पेट में दर्द की शिकायत थी। डॉ. अजय का आरोप है कि इजहार बिना लाइन कक्ष में घुस आया और पहले भांजी का इलाज करने की बात कहने लगा।
लाइन में लगकर इलाज कराने की बात कही तो वह अभद्रता पर उतारू हो गया। मना करने पर मारपीट की। यहीं पर दूसरे कक्ष में बैठे डॉ. एके वर्मा पहुंचे तो इजहार ने उनके साथ भी मारपीट की। ईंट से वार किया, जिससे एके वर्मा के नाक में चोट आई।
बवाल और ईंटबाजी से ओपीडी में इलाज कराने आए रोगी भाग खड़े हुए। इस दौरान तीमारदार इजहार की बहन रजिया बानो के हाथ में भी चोट आई। इजहार का आरोप है कि डॉ. अजय और डॉ. वर्मा ने उसकी बहन के साथ मारपीट की, जिसके चलते वह घायल हुई।
जानकारी मिलने पर सदर कोतवाल अतुल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया। कोतवाल का कहना है कि डॉ. अजय गौतम की तहरीर पर इजहार के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। दूसरे पक्ष से भी तहरीर मिलेगी तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। उधर, तीमारदार का कहना है कि उसका केस नहीं दर्ज किया जा रहा है।
एक घंटे तक ठप रही ओपीडी
बवाल के बाद जिला अस्पताल की पीडियाट्रिक ओपीडी एक घंटे तक ठप रही। ओपीडी में सन्नाटा पसरा गया। दूरदराज से आए रोगियों को इलाज कराने के लिए इंतजार करना पड़ा। कुछ ऐसे रोगी रहे, जो बिना इलाज कराए ही घरों को लौट गए। रोगियों का कहना था कि इस तरह के विवाद से उनका नुकसान होता है। इस पर रोक लगनी चाहिए।
कार्रवाई करने के लिए कहा गया है : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि चिकित्सकों के साथ हुई मारपीट के मामले को गंभीरता से लिया गया है। प्रकरण में कार्रवाई के लिए कोतवाली में तहरीर दी गई है। पुलिस अफसरों से मामले में सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।