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आनर किलिंग में घटना होने का शक, प्रधान पति के घर छापा

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ऑनर किलिंग में प्रधान पति के घर छापा
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रायबरेली। चार साल पहले मध्य प्रदेश में हुई एक युवती की हत्या के मामले में एमपी पुलिस ने यहां आकर प्रधानपति की धरपकड़ के लिए उसके घर में छापा मारा, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। पुलिस का दावा है कि प्रधानपति की भांजी का शव मिला था। घटना को पुलिस ऑनर किलिंग के रूप में देख रही है।

मध्य प्रदेश के रीवां जिले के सुहागिन कोतवाली क्षेत्र में चार साल पहले एक युवती का शव पाया गया था। मध्य पुलिस ने उसकी पहचान गरिमा सिंह उर्फ जुली निवासी पूरे जोधी कोतवाली सलोन जिला रायबरेली के रूप में की थी। एमपी पुलिस का दावा है कि ऑनर किलिंग में गरिमा की हत्या की गई थी। इसमें मृतका के मामा एवं जमुनापुर गांव के प्रधानपति का भी हाथ है।
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प्रधानपति को पकड़ने के लिए बुधवार को एमपी पुलिस यहां पहुंची थी, लेकिन उसे पकड़ा नहीं जा सका। इस पर पुलिस बैरंग लौट गई। उधर, इस घटना के बाद गुरुवार को युवती गरिमा सिंह की मां ऊषा सिंह सामने आई। उसने एक लिखित पत्र ऊंचाहार कोतवाली के माध्यम से एमपी पुलिस को भेजा है।

भेजे पत्र में मां का कहना है कि एमपी पुलिस जिस शव को उसकी बेटी गरिमा का शव बता रही है, वह उनकी बेटी का शव नहीं है। उनका भाई ग्राम प्रधान पति हैं, जिसके कारण उनके विरोधी एमपी पुलिस से मिलकर उनके भाई को फंसाना चाहते हैं। ऊषा सिंह ने बताया कि एमपी पुलिस 2016 में ही उनके पास गई थी। उनको शव का फोटो दिखाया था, तभी उन्होंने कहा था कि यह शव उनकी बेटी का नहीं है।
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यही नहीं एमपी पुलिस एक सादे कागज पर उस समय उनका और उनकी दूसरी बेटी का हस्ताक्षर लेकर गई थी। अब जब एमपी पुलिस ने उनके भाई के यहां छापा मारा है तो जानकारी मिलने पर वह यहां आई है। उधर, सीओ डलमऊ विनीत सिंह का कहना है कि ग्राम प्रधान पति की धरपकड़ के लिए एमपी पुलिस यहां आई थी, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। एमपी पुलिस ही प्रकरण की जांच कर रही है। चार साल पहले युवती की हत्या किए जाने की बात सामने आई थी।
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