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गंगा नदी में मरी मछलियां, डलमऊ के घाटों पर उतराने से हड़कंप

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मरी मछलियों की बदबू से कस्बे में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका
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डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी में संदिग्ध हालत में मछलियां मरने लगी हैं। डलमऊ के गंगा घाटों में लाखों की संख्या में मरी मछलियों के उतराने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। करीब तीन किलोमीटर तक गंगा में मरी मछलियां उतरा रही हैं। तहसील प्रशासन के गंभीर न होने के कारण बदबू फैलने लगी है। इससे संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।

गंगा में पानी कम होने के कारण डलमऊ स्थित कैनाल पंप को बंद कर दिया गया है। इससे गंगा का पानी स्थिर हो गया है। चर्चा है कि भीषण गर्मी में नदी का पानी गर्म होेने से मछलियां मरने लगी हैं। घाटों के किनारे मछलियों के उतराने से चारों तरफ बदबू फैली हुई है।
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इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूचना मिलने के बाद भी तहसील प्रशासन मरी मछलियों को बाहर नहीं निकलवा रहा है, इससेे संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। इसके चलते लोग भयभीत भी हो रहे हैं।

लोग बाजार में बेच रहे मरी मछलियां
किन्ही कारणों ने गंगा नदी में मरनेे के बाद घाटों के पास उतराई मरी मछलियों को क्षेत्र के लोग निकालकर खानेेेे के लिए उपयोग कर रहे हैं। कुछ लोग तो इन मछलियों को बाजार में भी बेच रहे हैं। मरी मछलियों को खानेे से लोगों के बीमार होने की भी आशंका है।

पंप कैनाल चालू हो, बंद की जाए खानापूरी
नगर पंचायत अध्यक्ष बृजेश दत्त गौड़, राकेश त्रिपाठी, अनिल कुमार, अमरीश पांडेय, राकेश कुमार, पंकज मिश्रा आदि ने बताया कि गर्मी के चलते गंगा का जलस्तर कम हो जाने पर कैनाल पंप बंद कर दिया गया है। इससे मछलियां मर रही हैं।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारी खानापूर्ति के नाम पर नदी के पानी का सैंपल लेकर ठंडे बस्ते में डाल देते हैं, लेकिन इसका स्थाई निराकरण अब तक नहीं किया जा सका। कैनाल पंप को चालू करवा कर मरी हुई मछलियों से उत्पन्न होने वाले संक्रामक बीमारी से लोगों को बचाने का प्रयास किया जाए।

गंगा में मछलियों के मरने की सूचना मिली है। टीम भेजकर मामले की जांच कराकर उच्चाधिकारियों की इसकी सूचना दी जा रही है। मरी मछलियों से लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कतों से बचाया जाएगा।
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-सविता यादव, एसडीएम डलमऊ

जानकारी नहीं है, जांच कराई जाएगी
गंगा नदी में मछलियां मरने की जानकारी नहीं है। अभी तक न ही कोई सूचना मिली है। फिलहाल वह अपने स्तर से टीम भेजकर मामले की जांच कराएंगे। मछलियां क्यों मर रही हैं, इसके लिए नदी के पानी की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
-यूएन उपाध्याय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी
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