रायबरेली। लोकसभा चुनाव-2019 की नामांकन प्रक्रिया सोमवार को चुनाव चिह्नों के आवंटन के साथ पूरी हो गई। नामांकन पत्रों की जांच के बाद बचे 15 प्रत्याशियों में से सोमवार को किसी ने भी अपना पर्चा वापस नहीं लिया।
ऐसे में अब कांग्रेस प्रत्याशी सोनिया गांधी, भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह समेत 15 प्रत्याशियों के बीच चुनावी घमासान होगा। प्रत्याशियों में नौ विभिन्न पार्टियों के प्रत्याशी हैं। जबकि छह निर्दलीय हैं। इन सभी को चुनाव चिह्न भी आवंटित कर दिए गए।
जिले में पांचवें चरण में चुनाव होना है। इसके तहत 10 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया चल रही थी। 18 अप्रैल तक 34 लोगों ने नामांकन पत्र जमा कर दावेदारी ठोंकी।
20 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच हुई तो 19 पर्चों में खामियां मिलने के बाद उन्हें निरस्त कर दिया गया। जांच के बाद 15 प्रत्याशियों के पर्चे वैध पाए गए। सोमवार दोपहर तीन बजे तक कोई भी दावेदार अपना पर्चा वापस लेने नहीं आया।
इस तरह मैदान में कांग्रेस, भाजपा, आजाद भारत पार्टी (डेमोक्रेटिक), बहुजन मुक्ति पार्टी, वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया), सबका दल यूनाइटेड, पीस पार्टी व प्रगतिशील समाज पार्टी प्रत्याशी समेत 15 लोग मैदान में बचे। दोपहर तीन बजे के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न का आवंटन कर दिया गया।
चुनाव चिन्हों के आवंटन के साथ ही नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है। 15 प्रत्याशी मैदान में हैं। प्रत्याशियों को आचार संहिता को ध्यान में रखकर प्रचार करने के आदेश दिए गए हैं। जो भी प्रत्याशी आचार संहिता का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
नेहा शर्मा, जिला अधिकारी