घर में घुसे बदमाशों को पकड़ा, पोल से बांधकर पीटा
रायबरेली। सरेनी थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात लूटपाट करने के लिए एक घर में घुसे तीन बदमाशों को ग्रामीणों ने घेराबंदी करके दबोच लिया, जबकि कई फरार हो गए। पकड़े गए बदमाशों की ग्रामीणों ने धुनाई कर बिजली के पोल में बांध दिया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दे दी। सरेनी पुलिस पहुंची तो उसे दौड़ा लिया। ग्रामीणों ने पुलिस विभाग के किसी अधिकारी के आने पर ही उन्हें सुपुर्द करने की बात कही। बदमाश रातभर खंभे में बंधे रहे। सुबह सीओ लालगंज पहुंचे तो बदमाशों को उनके सुपुर्द किया गया। तहरीर के आधार पर पुलिस मामले में कार्रवाई करने की बात कह रही है।
सरेनी थाना क्षेत्र में भोजपुर से आगे उन्नाव जनपद की सीमा से सटे गांवों में बदमाशों का आतंक व्याप्त है। शुक्रवार रात पूरे जब्बर का पुरवा मजरे माधौपुर के रहने वाले संतोष पाल की छत पर आधा दर्जन बदमाश पहुंच गए। शोरगुल मचाने पर ग्रामीणों ने घेराबंदी कर ली। दो बदमाश बाइक पर सवार होकर भागे, लेकिन वे भाग नहीं पाए। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर तीन बदमाश दबोच लिए। साथ ही बाइक कब्जे में ले ली। वहीं अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
गुस्साए ग्रामीणों ने तीनों की पहले धुनाई की और फिर उन्हें बिजली के पोल में बांध दिया। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलने पर थानेदार सुधीर चंद्र पांडेय के अलावा यूपी हंड्रेंड पुलिस मौके पर पहुंची। पर ग्रामीण इस बात पर अडिग थे कि पुलिस विभाग के किसी अधिकारी को बुलाया जाए। इलाकाई पुलिस ने दबाव बनाया तो ग्रामीणों ने उसे भी दौड़ा लिया और बल्लियां डालकर रास्ता रोक दिया।
शनिवार सुबह सीओ लालगंज चंद्रदेव यादव पहुंचे और न्याय का भरोसा दिलाया। इसके बाद बदमाशों को सरेनी थाने लाया गया। सीओ के मुताबिक पकड़े गए बदमाशों में जयबहादुर निवासी तिवारीपुर खुर्द थाना सरेनी, अजीत सब्जी बबुरा थाना सरेनी व विनोद निवासी भोजपुर शामिल हैं। थानेदार का कहना है कि रिपोर्ट लिखकर बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जय बहादुर पर दर्ज दो आपराधिक मुकदमे
सीओ ने बताया कि पकड़ा गये जयबहादुर के खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें एक आर्म्स एक्ट और एक इसी थाने के लॉकअप से फरार होने का दर्ज हैं। जयबहादुर 30 सितंबर 2016 को थाने के लॉकअप से फरार हो गया था। तत्कालीन एसओ अशोक कुमार सिंह की तहरीर पर कोतवाली प्रभारी लालगंज धनंजय सिंह को उसकी जांच मिली थी। इसमें एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया था।