रायबरेली। शहरी क्षेत्र में कोटे की दुकानों पर राशन वितरण के लिए दी गई पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों से 1.58 लाख से अधिक गरीबों का डाटा गायब हो गया है। इससे राशन वितरण प्रभावित हो गया है। गरीबों का डाटा गायब होने के बाद हड़कंप मच गया है। मंगलवार को शहर के कई कोटेदारों ने डीएसओ कार्यालय पहुंचकर नाराजगी जताते हुए राशन उठान न करने की चेतावनी दी।
बीती जुलाई में आधार लिंक प्रणाली में सेंध लगाकर जिले में करीब 10 लाख के राशन का घोटाला होने के बाद पीओएस मशीनों की स्थिति खराब हो गई है। शहरी क्षेत्र में 104 कोटे की दुकानों पर पीओएस मशीन से ही गरीबों में राशन का वितरण हो रहा है। अब स्थिति यह हो गई है कि पीओएस मशीन से गरीबों का डाटा ही गायब हो गया है। मशीन में लाभार्थियों द्वारा अंगूठा लगाने के बाद भी डाटा सामने नहीं आ रहा है। ऐसेे में कोटेदार गरीबों को राशन नहीं दे पा रहे हैं।
मंगलवार को शहर के कोटेदार सिराज अहमद, शिवकुमार पाठक, कमलेश सोनकर आदि ने डीएसओ कार्यालय पहुंचकर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अनिल कुमार को शिकायतीपत्र देकर समस्या से अवगत कराया। कोटेदारों ने चेतावनी दी कि जब तक पीओएस मशीन में डाटा नहीं आएगा, तब तक अगले महीने का राशन का उठान भी गोदामों से नहीं करेंगे। विभाग के साथ ही डाटा को लेकर कोटेदारों में हड़कंप मचा है।
एनआईसी में मौजूद, लेकिन ई-पॉश में ही लापता
जिले की शहरी कोटे की दुकानों को ओएसिस साइवरनेटिव्स प्राइवेट लिमिटेड ने ई-पॉश मशीन उपलब्ध कराई हैं। एनआईसी के सर्वर पर तो गरीबों का डाटा शो कर रहा है, लेकिन मशीनों में शो नहीं हो रहा है। इस मामले में कंपनी को कई बार पत्र भी लिखा गया, लेकिन सुधार नहीं आया है। कोटेदारों का आरोप है कि कंपनी का हेल्प लाइन नंबर भी नहीं उठता है। इसके अलावा जिले में इंजीनियर और कर्मचारियों के न होने के कारण मशीनें ठीक नहीं हो पा रही हैं।
वर्जन
पीओएस मशीनों में गरीबों का डाटा बार-बार गायब होने के कारण राशन वितरण प्रभावित हो रहा है। संबंधित कंपनी को कई बार इस संबंध में पत्र लिखा गया, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। मामलेे को लेकर कोटेदार भी नाराज हैं।
- अनिल कुमार, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी