किसान ने फांसी लगाकर दी जान
- पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद शव पीएम के लिए भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहनियां (रायबरेली)। थाना क्षेत्र के बैरहना मजरे भीलमपुर गांव में बुधवार रात एक किसान ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसका शव सुबह ट्यूबवेल पर फांसी के फंदे से लटकता पाया गया। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। परिवार वालों का कहना है कि वो कर्ज से परेशान था।
बैरहना मजरे भीलमपुर गांव निवासी शीतला प्रसाद (45) का ट्यूबवेल गांव के बाहर खेत में लगा हुआ है। वह नलकूप की रखवाली करने के लिए रोज वहीं सोता था। बुधवार शाम खाना खाकर नलकूप पर सोने गया था। गुरुवार सुबह जब वह काफी देर वापस नहीं लौटा तो घर वाले ट्यूबवेल पर पहुंचे। जहां उसका शव छप्पर से रस्सी के सहारे लटकता हुआ पाया गया। यह देख परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मौके पर गांव वालों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लिया। मृतक की पत्नी पूनम ने बताया कि उसके पति के नाम लगभग एक लाख रुपये उत्तर प्रदेश बड़ौदा ग्रामीण बैंक बाबूगंज, 50 हजार रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा दरियापुर में स्वयं सहायता समूह का व लगभग 40 हजार रुपये रुपया गांव के सूदखोरों का बकाया था। यह पैसा उसने अपनी पत्नी के इलाज के लिए लिया था। पैसा चुकता न कर पाने की वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहा करता था। इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली है। उसकी मौत से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे बेटे अरुण (20), करन (15) व बेटी शिवासिनी (13) को छोड़ गया है। उसकी बड़ी बेटी ज्ञानवती कि पहले ही शादी हो चुकी है।
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नशे में धुत होने की वजह से लगाई फांसी
तहसीलदार अशोक यादव ने बताया कि शीतला प्रसाद नशे का आदि था। शराब के नशे में धुत होने के बाद उसने फांसी लगाकर जान दे दी है। कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने जैसी कोई बात नहीं है।
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कर्ज है, लेकिन कोई नोटिस नहीं भेजा गया
बड़ौदा ग्रामीण बैंक शाखा बाबूगंज के मैनेजर केएस भास्कर ने बताया कि उसके नाम 86 हजार रुपये का लोन हुआ था, जिसमें उसने 53 हजार निकाले थे। बीच में उसने कुछ पैसे वापस किए थे। इस समय उसके ऊपर 58,359 रुपये का कर्ज है। हालांकि कर्ज के लिए उसे कोई नोटिस या तगादा नहीं भेजा गया था।