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जायस स्टेशन पर प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस का स्टॉपेज शुरू, खुशी

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रायबरेली। पहले आप... पहले आप... में गाड़ी छूट जाती है। यह बात शनिवार रात दो ट्रेनों पर सटीक बैठती है। एक ही रेल लाइन पर विपरीत दिशा से आ रही दोनों ट्रेनों में किसको पहले निकाला जाए, इस पशोपेश में मालगाड़ी को छोड़ दिया गया।
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इससे रायबरेली और गंगागंज में खड़ी दो एक्सप्रेस ट्रेनों को पौन घंटे इंतजार करना पड़ा। इन ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी।


यात्रियों के शिकायत करने पर स्टेशन पर तैनात अफसरों ने कहा कि लाइन खाली नहीं है तो कैसे गाड़ी चला दें। खैर पौन घंटे बाद रायबरेली में खड़ी ट्रेन को लखनऊ की तरफ दौड़ाया गया, फिर गंगागंज में खड़ी गाड़ी चलाई गई।


प्रतापगढ़ से भोपाल को जाने वाली गाड़ी संख्या 12184 प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस करीब एक घंटे की देरी से रात 9.40 बजे रायबरेली रेलवे स्टेशन पहुंची थी।


इसे महज पांच मिनट के स्टॉपेज के बाद रवाना किया जाना था, लेकिन तभी लखनऊ की ओर से फर्राटा भरते हुए गाड़ी संख्या 14124 कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी के हरचंदपुर से रात 9.46 बजे छूटने का संकेत मिला।
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अब किस गाड़ी को कहां रोकें और किसे चला दें, इसे लेकर मंथन चल ही रहा था कि एक मालगाड़ी इसी लाइन पर दौड़ा दी गई।


ऐसे में प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस जहां रायबरेली में रोके रखी गई, वहीं रायबरेली की ओर आ रही कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी को गंगागंज स्टेशन पर रोक दिया गया।


दोनों ही गाड़ियां पौन घंटे तक अपनी-अपनी जगह पर खड़ी रही। कुछ देर इंतजार के बाद मुसाफिरों ने स्टेशन पर तैनात स्टाफ से शिकायत की तो उन्हें यह कहकर शांत कराया गया कि लाइन खाली नहीं है।


लाइन खाली होते ही गाड़ी चला दी जाएगी। रात 10.20 बजे प्रतापगढ़-भोपाल को रायबरेली से रवाना किया गया और यह गाड़ी जब गंगागंज होते हुए हरचंदपुर पहुंच गई तो गंगागंज में खड़ी कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी छोड़ी गई, जो रात 10.53 बजे रायबरेली पहुंची।


कार्यवाहक स्टेशन अधीक्षक बालमुुकुंद का कहना है कि मालगाड़ी की क्रासिंग थी। सिंगल लाइन होने के कारण एक साथ गाड़ियों का संचालन नहीं हो सकता है। इसीलिए ट्रेनें कुछ देर के लिए रोकी गई थीं।
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