रायबरेली-गदागंज। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल के नाम पर लापरवाही उजागर होने का मामला सामने आया है। वार्ड में भर्ती एक महिला प्रधान का ससुर अस्पताल के पीछे स्थित तालाब तक पहुंच गया और जहां उसकी डूबकर मौत हो गई।
सातवें दिन बृहस्पतिवार को मरीज का शव तालाब में मिलने से हड़कंप मच गया। परिवारीजनों ने नाराजगी जताते हुए जांच कराने की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गदागंज थाना क्षेत्र के पूरे भोपाल सिंह गौरा हरदो निवासी मैकूलाल (60) को पेट में दर्द होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 21 मई की रात बेटा राजेंद्र कुमार भोजन करने चला गया। इसी बीच मैकूलाल अपने बेड से गायब हो गया।
मरीज कब और कैसे गायब हुआ, वहां मौजूद कर्मियों को भी पता नहीं चला। सदर कोतवाली में परिवार वालों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल के पीछे तालाब में मैकूलाल का शव मिलने से सनसनी फैल गई।
कार्यवाहक कोतवाल अरुण कुमार अवस्थी ने जांच की। मृतक की बहू कुमकुम इस बार गांव की प्रधान चुनी गई हैं। जानकारी मिलने पर परिवारीजन मौके पर पहुंचे और घटना पर नाराजगी जताई।
उनका आरोप था कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज की देखभाल में लापरवाही बरती। इसी वजह से मरीज वार्ड से गायब हो गया और उसकी मौत हो गई। उधर, अस्पताल के सीएमएस डॉ.एनके श्रीवास्तव का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल की जाती है। मरीज अचानक गायब हो गया था। उसकी खोजबीन भी कराई गई थी।
तालाब में भरा था कबाड़, समझ नहीं पाया मरीज
अस्पताल के पीछे स्थित तालाब में कबाड़ पड़ा है। इस वजह से तालाब में पानी है या नहीं, यह नहीं दिखता है। आशंका जताई जा रही है कि जिला अस्पताल के वार्ड से भगाने के लिए मरीज तालाब वाले रास्ते से निकलने का प्रयास किया। उसे पता नहीं था कि तालाब में पानी भी है और वह उसी में डूब गया। मरीज की मौत के बाद परिवारीजनों में कोहराम मचा है।
जिला अस्पताल में भर्ती मरीज मैकूलाल का शव तालाब में पाया गया है। वैसे तो तालाब में डूबने से उसकी मौत की बात सामने आ रही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की सही जानकारी आ सकेगी। जानकारी मिलने पर पहुंचकर घटना की जांच की गई। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
महिपाल पाठक, सीओ सदर