बछरावां (रायबरेली)। बिशुनपुर गांव में नाली पर अतिक्रमण कर पानी के बहाव को रोकने से मना करने पर दबंगों ने पूर्व प्रधान पर कुल्हाड़ी व लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। घटना में पूर्व प्रधान व उसके दो बेटों को गंभीर चोटें आईं हैं। घायलों को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पूर्व प्रधान व उसके एक बेटे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बछरावां कोतवाली क्षेत्र के बिशुनपुर निवासी सत्यनारायण, प्रमोद नारायण, पंकज, कामता अपने घर के सामने सरकारी नाली के ऊपर दीवार बनवा रहे थे। पड़ोस में रहने वाले पूर्व प्रधान अरुण चौधरी ने नाली की साफ-सफाई व जलनिकासी में अवरोध को लेकर दीवार बनाने से मना किया। मना करने से विपक्षी आग बबूला हो गए। देखते ही देखते विपक्षी ने पूर्व प्रधान को कुल्हाड़ी लेकर दौड़ा लिया।
जान बचाकर पूर्व प्रधान अरुण अपने घर में घुस गए। मारपीट पर आमादा विपक्षियों ने पूर्व प्रधान के घर पर धावा बोल दिया। इसी बीच एक ने अरुण के सर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गए।
बीच-बचाव कराने के लिए पहुंचे पूर्व प्रधान के बेटे शिवभानु (24), चंद्रभान (32) को भी पीटकर घायल कर दिया गया। सीएचसी बछरावां से अरुण व उसके बेटे शिवभानू को जिला अस्पताल रेफर किया गया। कोतवाल राकेश सिंह ने बताया कि मामले में संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
बछरावां पुलिस की ढिलाई बनी घटना की वजह
पंचायत चुनाव को देखते हुए गांवों में विवाद की घटनाएं बढ़ गईं हैं। बावजूद इसके बछरावां थानेदार और उनके मातहत घटनाओं को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। यह हाल तब है, जब एसपी श्लोक कुमार ने गांवों में बैठकें कराकर इस तरह के छोटे विवादों के निस्तारण कराने के निर्देश दिए हैं। बावजूद थानेदार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। घायलों का कहना है कि कई बार पुलिस से इस मामले की शिकायत की गई, लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। पूर्व प्रधान और उनके दो बेटों के साथ जिस तरह गुुंडागर्दी की गई, उससे पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।