एक हजार से अधिक लोगों ने देखे हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद
कई प्रदेशों के नामी कारीगरों ने लगाए स्टाल, कला देख हर कोई दंग
फोटो संख्या 26 से 39 तक
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) में दो दिवसीय क्राफ्ट बाजार सज गया, जिसमें कई प्रदेशों के नामी कारीगरों ने अपने हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों के स्टाल लगाए हैं। पहले दिन शहर व आसपास के क्षेत्रों से आए एक हजार से अधिक लोगों ने भ्रमण किया। कारीगरों की कला देख लोग दंग रह गए। काफी लोगों ने खरीदारी भी की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एकल-समूह नृत्य व गायन ने सभी का मनोरंजन किया।
सोमवार को मुख्य अतिथि प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय शिल्प परंपरा से जुड़कर कार्य करने की यह पहल अनूठी है। देशभर के विद्यार्थियों का निफ्ट में आकार पढना दर्शाता है कि यहां के अध्ययन-अध्यापन की संस्कृति कितनी समृद्ध है। निफ्ट के निदेशक डॉ. भारत साह ने कहा कि भारत की शिल्प संस्कृति की विरासत को समझने एवं सहेजने को लेकर संस्थान प्रतिबद्ध है। निफ्ट के विद्यार्थी लगातार शिल्पकारों एवं कारीगरों के साथ बेहद करीब से जुड़कर कार्य करते हैं। सयुंक्त निदेशक एनएस बोरा ने बताया कि कई राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के पुरस्कार प्राप्त कारीगर भाग ले रहेहैं।
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रिमझिम गिरे सावन... ने लगाए चार चांद
क्राफ्ट बाजार का प्रमुख आकर्षण सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे, जिसमें निफ्ट के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। रिमझिम गिरे सावन... और सोचेंगे तुम्हे प्यार.... जैसे एकल गीतों ने खूब तालियां बटोरीं। घुंघरू टूट जाएंगे... गीत पर प्रस्तुत नृत्य ने सभी को झूमने पर मजबूूर कर दिया। सानवी और विनीता का घूमर नृत्य देख सभी थिरकने लगे। तूने मारी एंट्रियां... गीत पर जैसे ही श्रेयांशी, सिद्धि और खुशी ने मंच पर अपनी प्रस्तुति दी, दर्शक दीर्घा में बैठे छात्र-छात्राओं का दिल भी मचल उठा। वे खुद को रोक नहीं पाए और दर्शक दीर्घा में ही डांस करने लगे। झूमे रे गोरी... गीत पर दृष्टि, हिमांशी, प्रज्ञा का नृत्य काफी पसंद किया गया। स्नेहा और प्रतिष्ठा के गीत ने मन मोह लिया। रिया, हर्षिता, गौरी, रितिशा, पीहू, नुपूर, रूपम, लक्ष्मी आदि ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से खूब मनोरंजन किया। छात्र हर्षित पांडेय ने मंच पर तीन मिनट में बेहतरीन पेंटिंग बनाकर सभी को चकित कर दिया।
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चिकनकारी तो किसी को खिलौने आए पसंद
क्राफ्ट बाजार में सजे स्टालों पर किसी को वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी तो लखनऊ की चिकनकारी पसंद आई। वहीं लकड़ी और मिट्टी से बने खिलौने और बर्तन भी खूब भाये। मूंज ग्रास से बने उत्पादों ने आकर्षित किया। प्रदर्शनी में 20 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये कीमत के उत्पाद उपलब्ध हैं, जिससे हर वर्ग के लोगों ने अपने पसंदीदा उत्पाद की खरीदारी भी की। सुबह से शुरू हुई प्रदर्शनी रात तक चलती रही। मंगलवार को भी यह प्रदर्शनी इसी तरह खुली रहेगी। खानपान के स्टॉल पर भी लोगों ने व्यंजनों का लुत्फ उठाया। निफ्ट के क्रॉफ्ट समन्वयक उज्ज्वल बैनर्जी ने बताया कि वाराणसी, बरेली, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, इलाहाबाद, गाजीपुर, फरूखाबाद, आजमगढ़, निजामाबाद, फिरोजाबाद, फतेहपुर सीकरी समेत कई जिलों व प्रदेशों से आए कारीगरों ने अपने लैकर वेयर, गुलाबी मीनाकारी, वुड कार्विंग, ब्लैक पोटरी, जरी-जरदोजी, ग्लास वर्क, वाल हैंगिंग, केन एंड बैंबू, बोन कार्विंग, सिल्क, दरी, बोटिक प्रिंटिंग, हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग, टेराकोटा, चिकनकारी, मूंज ग्रास, बांस से बने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं।
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छात्र-छात्राओं ने सीखी कला, किया अभ्यास
नामी कारीगरों के एक स्थान पर जुटने से निफ्ट के साथ ही दूसरे विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने भी हस्तशिल्प और हथकरघा के बारे में जाना। इन कलाओं को सीखा और अभ्यास किया। चाक पर मिट्टी से बर्तन बनाने के लिए कुम्हारी कला सीखी। चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा ने लकड़ी से खिलौने बनाना सिखाया। रामनवमी प्रजापति ने भी अपनी कला से बच्चों को रूबरू कराया और उन्हें सिखाने की कोशिश की। मीडिया कोआर्डिनेटर प्रवीन श्रीवास्तव ने बताया कि निफ्ट के फैशन कम्युनिकेशन, फैशन मैनेजमेंट, एक्सेसरी डिजाइन, फैशन डिजाइन एवं फैशन टेक्नाेलॉजी विभाग के स्टॉल भी लगे हैं, जहां लोगों को पाठ्यक्रमों की जानकारी भी दी गई। पहले दिन गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर, जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, लखनऊ पब्लिक स्कूल, हेमकुंड पब्लिक स्कूल, रेयान इंटरनेशनल स्कूल, सेंट पीटर्स स्कूल के बच्चों ने भी भ्रमण किया।