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गांवों की 30 लाख आबादी को राहत, खुलेंगे चार कोविड हॉस्पिटल

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रायबरेली। ग्रामीण इलाकों में कोरोना के कहर को रोकने की कवायद शुरू हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय से नई गाइडलाइन आने के बाद ग्रामीण स्तर पर कोविड केयर एवं हेल्थ सेंटर स्थापित करने का काम शुरू हो गया है।
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पहले चरण में चार कोविड अस्पतालों को इसी सप्ताह संचालित करने का प्रयास हो रहा है। जरूरत के हिसाब से सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस सुविधा का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों की 30 लाख आबादी को मिलेगा। कोविड समकक्ष एल-1 अस्पतालों में 30-30 मरीजों को एक साथ भर्ती करने की व्यवस्था होगी।
शुरुआत में कोविड के ज्यादातर केस शहरों में देखने को मिल रहे थे, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का कहर तेजी से बढ़ गया है। वर्तमान में ग्रामीण स्तर पर फ्रंटलाइन वर्कर सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार आदि लक्षण वाले मरीजों को चिह्नित करने के लिए स्क्रीनिंग कर रहे हैं।
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लक्षण वाले मरीजों की गांव स्तर पर ही कोरोना की जांच करवाकर दवाइयां मुहैया कराई जा रही है। गांवों में कोरोना मरीजों में बेतहाशा बढ़ोतरी होने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है।
गाइडलाइन के हिसाब से ग्रामीण स्तर ही संक्रमित मरीजों के इलाज की व्यवस्था कर दी गई है। संक्रमितों को एल-2 और एल-3 अस्पतालों में ले जाने की जरूरत नहीं होगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देश पर जिले में खजूरगांव, रोहनियां, डीह सहित चार स्थानों पर 30-30 बेड के कोविड केयर सेंटर स्थापित करने का काम शुरू कर दिया गया है।
इन अस्पतालों में संक्रमितों के इलाज की समुचित व्यवस्था होगी। यहां तक कि ऑक्सीजन भी यहां मरीजों को पर्याप्त मात्रा में मिलेगी। बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले मरीजों को यहां रखकर इलाज किया जाएगा।
हेल्थ वेलनेस सेंटरों व बरातघर बनाए जाएंगे कोविड केयर सेंटर
जरूरत पड़ने पर गांव स्तर पर संचालित हेल्थ वेलनेस सेंटरों को कोविड केयर सेंटर के रूप में बदला जाएगा। यह एक तरह का आइसोलेशन वार्ड होगा। जिन गांव के घरों में आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं होगी, उन मरीजों को यहां रखा जाएगा।
यहां उपचाराधीन लोगों की सांस संबंधी समस्या और ऑक्सीजन स्तर की निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी। स्कूल, कम्यूनिटी हाल, बरात घर, पंचायत भवन में भी यह सेंटर संचालित किए जाएंगे। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम आदि को कोविड केयर सेंटर का नोडल नियुक्त किया जाएगा। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी सहयोग करेंगी।
जिले के चार अस्पतालों को कोरोना मरीजों को भर्ती करके इलाज के लिए कोविड समकक्ष इकाई बनाया जा रहा है। 30-30 बेडों की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर और कोविड केयर सेंटर स्थापित कराए जाएंगे। कोरोना से निपटने के लिए पूरी तैयारी है।
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डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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