रायबरेली। भदोखर थाना क्षेत्र से जुड़े करीब नौ साल पुराने हत्या के एक मामले में कोर्ट ने पिता व उसके दो पुत्रों को दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला कोर्ट संख्या एक के अपर सत्र न्यायाधीश जैगम उद्दीन ने बुधवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) विवेक सिंह राठौर के मुताबिक मामले की रिपोर्ट भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे सत्तू मजरे बेलाभेला निवासी राजबहादुर ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार वादी का बेटा अमरेश कुमार 13 जून 2010 की शाम करीब आठ बजे पूरे ठाकुर निवासी शेरबहादुर के यहां तिलक में गया था। साथ में वादी का छोटा बेटा संजय कुमार व गांव के अन्य लोग भी गए थे।
लौटते समय उनके पीछे-पीछे गांव के रामकुमार व उसके बेटे रमाकांत उर्फ धनई व वासुदेव आ रहे थे। अमरेश के साथ गए लोग गांव लौट आए, लेकिन अमरेश रास्ते में रुक गया। दूसरे दिन सुबह अमरेश का शव भिटहा ताल में मिलने की जानकारी हुई।
पुलिस ने विवेचना के बाद रमाकांत उर्फ धनई, वासुदेव व उनके पिता रामकुमार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पिता व दोनों पुत्रों को सजा सुनाई।
चुनाव आचार संहिता उल्लंघन में सदर विधायक अदिति दोषमुक्त
रायबरेली। कोतवाली नगर क्षेत्र से जुड़े चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कोर्ट ने अभियोजन आरोप सिद्ध न होने पर सदर विधायक अदिति सिंह को बरी कर दिया।
यह फैसला एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार बरनवाल ने गुरुवार को सुनाया। कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट शहर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुधीर चंद्र पांडेय ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि 18 जनवरी 2017 को विधानसभा चुनाव के समय गश्त के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी अदिति सिंह व बसपा प्रत्याशी शहबाज खान की पार्टी के चुनाव चिह्न की झंडियां लोहानीपुर तिराहे पर विद्युत पोल पर लगी पाईं गईं।
इस पर लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गवाही पूरी होने पर कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य को पर्याप्त न पाते हुए आरोपी सदर विधायिका अदिति सिंह व शहबाज खान को बरी कर दिया।