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बेबस अन्नदाता, गेहूं खरीद के लिए करना पड़ रहा इंतजार

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रायबरेली। गेहूं खरीद के लिए केंद्रों पर पहुंचने वाले किसान बेबस और लाचार हैं। अफसरों की लापरवाही का नतीजा किसान झेल रहे हैं। केंद्रों पर भंडारण क्षमता न होने और बोरे की कमी की वजह से खरीद ठप है।
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केंद्रों पर अनाज लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी हैं। गेहूं तौल का नंबर कब आएगा, यह सब कुछ बताने के लिए कोई तैयार नहीं है। ऐेसे में किसानों को हर दिन केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं अफसर किसानों की समस्या पर गंभीर नहीं हैं।
जिले में 72 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद तो इस बार शुरू करा दी गई, लेकिन यह व्यवस्था शुरुआती दौर से ही पटरी से उतरी रही। गेहूं खरीद से जुड़े अधिकारी बोरे की व्यवस्था तक नहीं कर पाए।
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इस वजह से गेहूं खरीद क्रेंद्रों पर ठप है। इसके पीछे गेहूं रखने के लिए केंद्रों पर जगह नहीं हैं। जहां पर गेहूं रखने की जगह है, वहां पर बोरे नहीं हैं। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक ऊंचाहार और रोहनियां ब्लॉक के गेहूं खरीद केंद्रों की स्थिति दयनीय है। कहीं बोरा न होने तो कहीं गेहूं की उठान न होने से खरीद ठप है।
साधन सहकारी समिति रोहनियां में बोरा न होने से खरीद बंद है। यहां सन्नाटा पसरा हुआ। यहां अब तक किसानों से 4500 क्विंटल खरीद हुई है, जबकि पीसीएफ के पटेरवा में आठ हजार क्विंटल गेहूं खरीद हुई है।
ऊंचाहार ब्लॉक की साधन सहकारी समिति किशुनदासपुर, मतरौली स्थित केंद्रों पर गेहूं खरीद ठप है। क्षेत्रीय किसान दिनेश यादव, अतुल त्रिवेदी, शमशेर सिंह का कहना है कि गेहूं तौल न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी व्यथा सुनने वाला कोई नहीं है।
खीरों प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र के खीरों, भीतरगांव व निहस्था क्रय केंद्रों पर गेहूं रखने की जगह न होने की वजह से गेहूं खरीद ठप है। गेहूं क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति खीरों के सचिव व केंद्र प्रभारी शत्रोहन यादव ने बताया कि गेहूं उठान होने से समस्या आ रही है।
यही समस्या बछरावां, हरचंदपुर, राही, डीह, सतांव, सलोन समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों के क्रय केंद्रों पर बोरे की कमी से गेहूं खरीद ठप है। डीह में तो क्रय केंद्र पर ताला लटका है।
उठान न होने से आ रही समस्या
केंद्रों पर खरीद होने वाला गेहूं एफसीआई गोदाम में भंडारण किया जाता है। एफसीआई की तरफ से केंद्रों से गेहूं उठान में देरी की जाती है। गेहूं खरीद से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यदि एफसीआई की तरफ से गेहूं उठान हर दिन किया जाए तो समस्या सुधर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उठान न होने से केंद्रों पर गेहूं रखने की जगह तक नहीं है।
56 हजार मीट्रिक टन खरीद
इस बार गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य नहीं रखा गया है। सिर्फ अधिक से अधिक गेहूं खरीद करने का निर्णय लिया गया है। अब तक क्रय केंद्रों पर 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। लगभग इतना ही गेहूं अभी और खरीदा जाना है, लेकिन बोरे और भंडारण की क्षमता न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले के सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद कराई जा रही है। कुछ केंद्रों पर बोरे और गेहूं उठान न होने की वजह से गेहूं खरीद में दिक्कत आ रही है, लेकिन उसे ठीक कराया जा रहा है। एफसीआई के अधिकारियों से केंद्रों पर रखे गेहूं का उठान कार्य तेजी से कराने के लिए कहा गया है।
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रामानंद जायसवाल, डिप्टी आरएमओ
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