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कोरोना ने फीकी कर दी शादी की खुशियां

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रायबरेली। कोरोना का असर सिर्फ आम आदमी पर नहीं, बल्कि आने वाली सहालग पर भी पड़ रहा है। इस महामारी ने शादी की खुशियां फीकी कर दी है। जिस धूूमधड़ाके से लोगों ने बेटे-बेटियों की शादी करने के सपने संजोए थे उन हसरतों पर कोरोना ने पानी फेर दिया है।
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अब लोग यही चाहते हैं कि बेटे-बेटियों की शादी हो जाए। बस कुछ मेहमानों को बुलाकर वैवाहिक कार्यक्रम कराएंगे, ताकि कोरोना को लेकर नियमों का पालन हो जाए। लोगों पर मेहमानों की संख्या सीमित करने का दबाव है। कुछ लोग तो फोन करके बाहर रहने वाले नाते-रिश्तेदारों को वैवाहिक कार्यक्रम से दूर रहने के बारे में कह रहे हैं। फिलहाल पिछले साल की तरह इस बार भी वैवाहिक कार्यक्रमों में धूमधड़ाका ना के बराबर होगा।
बेटी की शादी के साथ कोरोना से बचना जरूरी
राही ब्लॉक क्षेत्र के सैदनपुर गांव निवासी अतुल वाजपेयी की बेटी शिवानी वाजपेयी की शादी इसी अप्रैल माह की 27 तारीख को है। बेटी की शादी करने के लिए पिता अतुल ने लंबा कार्यक्रम सोच रखा था।
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इधर, कोरोना का कहर बढ़ा तो उन्होंने बेटी की शादी करने की ठानी, लेकिन उन्होंने लंबा तामझाम न करना उचित समझा। उनका कहना है कि बेटी की शादी के साथ ही सबको कोरोना से बचाना भी जरूरी है। इसलिए बेटी की शादी में कम लोगों को बुलाकर ही वैवाहिक कार्यक्रम कराएंगे। हम सबको इस समय कोरोना से बचना है।
कम होगा धूमधड़ाका
ऊंचाहार। ब्लॉक क्षेत्र के जमुनापुर के रहने वाले अशोक अग्रहरि के बेटे की शादी 30 अप्रैल को है। अशोक ने बेटे की शादी बड़ी धूमधाम के साथ करना का सपना पाल रखा था, लेकिन कोरोना ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अशोक कहते हैं कि बेेटे की शादी होगी, लेकिन कोरोना को देखते हुए सतर्कता बरतेंगे। कम लोगों के साथ जाएंगे। धूमधड़ाका भी कम करेंगे।
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