रायबरेली। एक साल के बच्चे और पत्नी के साथ मुंबई से आए युवक की कोरोना से संक्रमित होने के बाद हालत बिगड़ गई है। उसे लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। पत्नी, बच्चे समेत घर के अन्य लोगों को एफजीआईईटी के क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है।
कोतवाल जगतपुर हरिशंकर प्रजापति की टीम ने शुक्रवार को गांव पहुंचकर तीनों रास्तों पर पहरा बढ़ा दिया। आने-जाने वाले लोगों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों की थर्मल स्क्रीनिंग करने में जुट गई हैं।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा ने बताया कि दीनशाह गौरा ब्लॉक के पूरे बैरीसाल मजरे सुल्तानपुर जनौली में 17 मई को मुंबई से आए प्रवासी श्रमिक में संक्रमण मिला है। उसे रॉयन इंटरनेशनल स्कूल में बनाए गए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सांस लेने में दिक्कत के साथ ही अन्य गंभीर समस्याएं सामने आने के बाद गुरुवार रात ही उसे लखनऊ रेफर कर लोकबंधु अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव पहुंचकर लोगों की जांच की।
कोतवाली प्रभारी जगतपुर हरिशंकर प्रजापति ने बताया कि गांव को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। वहीं 18 मई को कोरोना संक्रमित पाए गए महराजगंज तहसील के कैर गांव के तीन मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है।
इसके अलावा संक्रमितों के संपर्क में आए 26 और लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद 29 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। कैर गांव में मुंबई से 68 लोग आए हैं। शेष संक्रमितों के संपर्क में आने के बाद क्वारंटीन सेंटरों में भेजे गए थे।
एसजीपीजीआई लखनऊ से शुक्रवार को 75 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। इसमें तीन मरीज पॉजिटिव से निगेटिव हो गए। शुक्रवार को रिपोर्ट आने के बाद रॉयन से तीन, एफजीआईईटी से 10 और एलपीएस के 16 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया। शेष लोग होम क्वारंटीन किए गए थे।