रायबरेली। अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले को लेकर चौक चौबंद व्यवस्था की गई है। जिला मुख्यालय पर वायरलेस सेट से लैस कंट्रोल रूम खोल दिया गया है। शिकायत मिलने पर तुरंत खाकी मूव करेगी।
यही नहीं पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। अराजकतत्वों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिले को चार जोन और 78 सेक्टरों में बांट दिया गया है।
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना है। इसको लेकर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम एफआर के कार्यालय में कंट्रोल रूम खोला गया है।
यह कंट्रोल रूम 24 घंटे खुला रहेगा। खास बात ये है कि यह कंट्रोल रूम को वायरलेस सेट से लैस किया गया है। कोई भी फोन करेगा तो तुरंत शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंच जाएगी।
15 अति संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां पर उड़नदस्ते और स्टेटिक मजिस्ट्रेेट की तैनाती कर दी गई है। जिला कंट्रोल रूम का नंबर 0535-2203320 है। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार शुक्ला को कंट्रोल रूम का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
नोडल अधिकारी का मोबाइल नंबर 9454416643 है। कंट्रोल रूम में पुलिस-प्रशासन के तीन-तीन कर्मचारियों को शिफ्ट वाइज 24 घंटे तैनात किया गया है।
इसमें एक जिला स्तरीय अधिकारी को सभी शिफ्ट में मौजूद रहने के आदेश दिए गए हैं। कंट्रोल रूम के लिए 20 नवंबर तक की ड्यूटी जारी कर दी गई है।
पुलिस महकमे से मिली जानकारी के मुताबिक पांच इंस्पेक्टर, 16 सब इंस्पेक्टर, 16 हेड कांस्टेबल, 66 कांस्टेबल, आठ महिला कांस्टेबल, एक महिला उपनिरीक्षक को अयोध्या ड्यूटी के लिए भेजा गया है।
एसपी स्वप्निल ममगाई की ओर से सीओ व थानेदारों को अपने-अपने क्षेत्रों पर गश्त करके अराजकतत्वों पर नजर रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट युवराज सिंह का कहना है कि अभी कोई असलहे नहीं जमा कराए गए हैं। यदि ऐसी कोई स्थिति आएगी तो असलहे जमा कराने के साथ ही अन्य कार्रवाई की जाएगी। संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
एडीएम प्रशासन राम अभिलाष ने कहा कि जिले को चार जोन और 78 सेक्टरों में बांटा गया है। 15 हॉट स्पॉट चिह्नित हैं, जहां स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा उड़नदस्ते भी यहां पर नजर रखेंगे।
सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त कर लिए गए हैं। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। अभी यहां पर अस्थायी जेल बनाने जैसी स्थिति भी नहीं है।