फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उपभोक्ता बेहाल, डीजल की कमी से नहीं चल पा रहे 272 टॉवर

विज्ञापन
रायबरेली में जगतपुर में लगा जेनरेटर खराब होने से बंद पड़ा बीएसएनएल को टॉवर। - फोटो : RAIBARAILY
विज्ञापन
रायबरेली। बीएसएनएल सेवा बदहाल होती जा रही है। आए दिन कहीं न कहीं खामी बनी रहती है। मोबाइल सेवा तो एकदम से बेपटरी हो गई है। एक बार में बात ही नहीं हो पाती है। ग्रामीण अंचलों में बिजली न होने पर टॉवरों को चलाने के लिए जनरेटर की व्यवस्था है, लेकिन डीजल न मिलने से इनका संचालन नहीं हो पा रहा है। इन टॉवरों से जुड़े करीब पौने दो लाख मोबाइल उपभोक्ताओं को बात करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूर होकर लोग दूसरी कंपनियों के सिम प्रयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन

शहर से लेकर ग्रामीण अंलचों में बीएसएनएल की सुविधा लोगों से दूर होती जा रही हैं। मोबाइल की सेवा बेहतर मिले। इसके लिए 272 टॉवर लगाए गए हैं, लेकिन पिछले कई महीने से यह तभी काम करते हैं, जब बिजली रहती है। बिजली जाने पर इनका संचालन ठप हो जाता है, क्योंकि इन्हें चलाने के लिए जनरेटरों में डीजल नहीं रहता। इस समय ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की खूब कटौती होती है। कहीं पांच तो कहीं 10 घंटे बिजली बंद रहती है। इस दौरान मोबाइल टॉवर भी बंद रहते हैं।
उपभोक्ता सतेंद्र कुमार, दिलीप द्विवेदी, हरकेश कुमार, राजन शुक्ला ने बताया कि बीएसएनएल के सिम से ठीक से बात नहीं हो पाती है। एक बार फोन मिलाने में पूरी बात नहीं होती है। कभी-कभी तो फोन कहीं मिलाओ तो बात किसी दूसरे होने लगती है। बिजली नहीं रहने पर मोबाइल शोपीस बनकर रह जाते हैं।
विज्ञापन

अभी तक टॉवरों के संचालन में डीजल के लिए 15 लाख रुपये का बजट मिलता था, लेकिन छह महीने में इसे घटाकर दो लाख कर दिया गया है। 15 लाख के डीजल में टॉवरों के अलावा मुख्य कार्यालय के अलावा एक्सचेंज का संचालन होता है। अब केवल मुख्य कार्यालय और एक्सचेंज का संचालन किसी तरह किया जाता है। टॉवरों का संचालन बिजली आपूर्ति के सहारे होता है।
टीडीएम पीके पांडेय ने बताया कि जेनरेटर की जगह सभी टॉवरों में इनवर्टर व बैट्री लगाई जानी है। अभी बैट्री व इनवर्टर नहीं आए हैं। जहां पर ज्यादा मोबाइल के उपभोक्ता हैं, वहां पर डीजल की व्यवस्था करके टॉवरों को चलाया जा रहा है। बाकी टॉवरों बिजली आने पर चलते हैं। समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें