परिषदीय स्कूलों में कक्षा कक्षों के निर्माण में मनमानी हो रही है। 21
करोड़ की लागत से स्कूलों में निर्माणाधीन कक्षा कक्षों के निर्माण का काम
पूरा नहीं हो सका है।
आदेशों को ताक पर रखकर काम कर रहे 636 निर्माण प्रभारियों का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया गया है। सभी निर्माण प्रभारियों को 15 दिन में निर्माण पूरा करा कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
ऐसा न करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने की चेतावनी दी गई है। जिले के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक स्कूलों में 636 कक्षा कक्षों के निर्माण के लिए 21 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
करीब छह माह पहले मिले धन के बाद भी अब तक किसी भी निर्माण प्रभारी ने निर्माण पूरा कराए जाने की रिपोर्ट बीएसए को नहीं दी है।
इस संबंध में बीएसए ने कई बार पत्र भी जारी किया, लेकिन शिक्षक मनमानी पर आमादा हैं। शिक्षकों की मनमानी के कारण शासन की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है।
बार-बार नोटिस देने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा करके रिपोर्ट न देने वाले प्राथमिक स्कूल पूरे अचली, सिंहापुर भटौली, जमोड़ी, धर्मदासपुर, कजियाना समेत 636 कक्षा कक्षों के निर्माण प्रभारियों का वेतन रोक दिया गया है।
सभी निर्माण प्रभारियों को 15 दिन में कक्षा कक्षों के निर्माण का काम पूरा कराकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। बीएसए ने आदेश दिए हैं कि जब तक उपभोग प्रमाणपत्र न आए तब तक निर्माण प्रभारी को वेतन न दिया जाए।
साथ ही 15 दिन में निर्माण की रिपोर्ट न देने पर संबंधित निर्माण प्रभारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने की चेतावनी दी है। कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने के बाद शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
सभी कार्रवाई से बचने के प्रयास में जुट गए हैं। नगर समेत सभी 19 ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को भी अल्टीमेटम दिया गया है।
बीएसए ने सभी बीईओ को निर्देश दिए हैं कि 15 दिन में कक्षा कक्षों के निर्माण का कार्य पूरा नहीं होता है। तो इसके लिए वे भी दोषी होंगे और शिक्षकों के साथ ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए 15 दिन में हर हाल में शत प्रतिशत काम को पूरा करा लिया जाए। इसमें कतई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि सभी 636 निर्माण प्रभारियों का वेतन रोक दिया गया है। 15 दिन में निर्माण कार्य शत प्रतिशत पूरा न करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दर जाएगी।
साथ ही काम पूरा न होने पर संबंधित ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।