इसको देखते हुए एनएच की गुणवत्ता की जांच का जिम्मा दिल्ली के सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट को सौंपी गई है। इंस्टीट्यूट ने जांच शुरू कर दी है। जांच शुरू होने के बाद अफसरों में हड़कंप मचा है।
एनएचएआई की ओर से 106 किलोमीटर लंबे रायबरेली-इलाहाबाद नेशनल हाईवे का निर्माण कराया जा रहा है। एनएचएआई के अफसरों की लापरवाही से काम में तेजी नहीं आ पा रही है, वहीं निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
एनएच का निर्माण गुणवत्तापरक है या नहीं, केंद्र सरकार इसकी जांच करा रही है। बीते दिन इंस्टीट्यूट के एक दल ने रायबरेली आकर एनएच से निर्माण सामग्री का सैंपल लिया है।
माना जा रहा है कि यदि जांच में सैंपल फेल हुआ तो विभागीय अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है। एनएचएआई के पीडी सीएम द्विवेदी ने बताया कि दिल्ली से केंद्रीय टीम एनएच-24बी की जांच के लिए आई थी। टीम एनएच से कई स्थानों के सैंपल लेकर गई है।