रायबरेली। सीएमओ कार्यालय में शुक्रवार को गोपनीय प्रविष्टि में कथित भेदभाव को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान एसीएमओ डॉ. अरविंद यादव और डिप्टी सीएमओ डॉ. शरद कुशवाहा के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गाली-गलौज तक की नौबत आ गई। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ और डिप्लोमा फॉर्मासिस्ट एसोसिएशन के अधिकारियों ने सीएमओ से मिलकर मामले की जांच कराकर प्रविष्टि में भेदभाव करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शुक्रवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ और फॉर्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी गोपनीय प्रविष्टि में भेदभाव के आरोप पर भड़क गए। डिप्टी सीएमओ डॉ. शरद कुशवाहा प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सचिव भी हैं। विवाद बढ़ने पर कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। घटना के बाद प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ और डिप्लोमा फॉर्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीएमओ से मुलाकात की।
उन्होंने सीएमओ से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारी पर भेदभावपूर्ण तरीके से गोपनीय प्रविष्टि करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की भी मांग की। इस मौके पर डिप्लोमा फॉर्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश चौधरी, दिवाकर सिंह आदि मौजूद रहे। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।