रायबरेली। कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बृहस्पतिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। सर्द हवाओं के थपेड़ों से लोगों के हाथ-पैर सुन्न हो रहे हैं और कंपकंपी छूट रही है। ऐसे में डीएम हर्षिता माथुर ने कक्षा एक से कक्षा आठ तक के स्कूलों को दस जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है। बीएसए राहुल सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर स्कूल बंद किए गए हैं। पढ़ाई नहीं होगी। शिक्षक स्कूल आकर कार्य करेंगे।
सुबह नौ बजे तक कोहरा छाया रहा। शीतलहर जारी रही। इसके बाद धूप निकली, लेकिन राहत नहीं मिली। शाम होते ही सर्दी का असर और बढ़ गय है। सर्दी के असर से दिहाड़ी श्रमिक परेशान हैं, काम नहीं मिल रहा है। श्रमिक प्रमोद कुमार ने बताया कि वह दिहाड़ी श्रमिक हैं, सर्दी के कारण कई दिनों से काम नहीं मिल रहा है। काम की तलाश में वह भटक रहे हैं।
बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री व न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री रहा। दोनों तापमान औसत से कम रहे। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि हवा का दबाव कम है और भोर में पाला भी पड़ रहा है, इस कारण सर्दी अधिक हो रही है। अभी राहत की कोई उम्मीद नहीं है।
बुजुर्ग व बच्चे सर्दी से अधिक परेशान
कड़ाके की सर्दी से न केवल आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित किया है, बल्कि आम जनजीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। सुबह-शाम लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को इस सर्दी से अधिक परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे सर्दी-जुकाम, खांसी और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियां भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोग गर्म कपड़े पहनें, अपने घरों को गर्म रखें और अत्यधिक ठंड में बाहर निकलने से बचें।
आलू व तिलहनी फसल में रोग फैलने की आशंका
हलोर। दलहन और तिलहनी फसलों पर फली छेदक कीट लगने लगे हैं। पुरासी, अलीपुर, कुशलगंज, कोटवा मोहम्मदाबाद, कक्केपुर, जमुरावां, मझिगवां, बारी गोहन्ना आदि गांवों के आसपास आलू व सरसों की फसल में रोग बढ़ने लगे हैं। किसान गंगासागर पांडेय, इंद्रदेव शुक्ल, कौशलेंद्र सिंह, यशवंत सिंह, श्रीराम शुक्ल, हौसला प्रसाद तिवारी, लाल सिंह, उमाकांत पांडेय, मनोज मिश्र, रिंकू चौधरी व रामसागर ने बताया कि कड़ाके की सर्दी व कोहरे का असर आलू, दलहन व तिलहन की फसल पर पड़ने लगा है।
किसानों का कहना है कि पारा और गिरा तो फसल पर बुरा असर पड़ेगा। जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा ने बताया कि किसान आलू की फसल को रोग से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें। गर्म राख का छिड़काव मिट्टी में किया जाए। इससे पाला का असर पौधे पर कम होगा।