रायबरेली। सोमवार को सीएमएस डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने ओपीडी कक्षों का औचक निरीक्षण किया तो कक्षों में बाहरी लोग (दलाल) मरीजों को बाजार की दवा लिखते मिले। चिकित्सक स्वयं न लिखकर दलालों से बाजार की दवा लिखवाकर पर्चियां मरीजों को दे रहे थे। हड्डी रोग विभाग, मेडिसिन विभाग सहित अन्य विभागों में पकड़े गए बाहरी लोगों को सीएमएस ने फटकार लगाते हुए खदेड़ दिया। साथ ही संबंधित चिकित्सकों को फटकार लगाते हुए अंतिम चेतावनी दी।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक मोनोपोली की दवाएं धड़ल्ले से मरीजों को लिखी जा रही हैं। बीती आठ मार्च को प्रमुख सचिव ने बाजार की दवाएं लिखने वाले चिकित्सकों को चिन्हित करके कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद भी चिकित्सक बेलगाम हैं। शिकायतें मिलने पर सोमवार को सीएमएस ने ओपीडी कक्षों औचक निरीक्षण किया।
उन्हें मेडिसिन विभाग के कक्ष संख्या 10, 11 और 12 में डॉक्टरों के बगल में बैठकर बाहरी लोग मरीजों को दवाएं लिखते मिले। इसके अलावा हड्डी रोग विभाग में बाहरी व्यक्ति दवा लिखते पकड़ा गया। मनमानी पकड़ में आते ही सीएमएस ने चिकित्सकों को फटकार लगाई। बाहरी लोगों को कक्षों से खदेडऩे के साथ ही डॉक्टरों को भी अल्टीमेटम दिया। दोबारा बाहरी लोगों के मिलने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी।
रात में इमरजेंसी में पकड़ी गई दवा की परची
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तो मोनोपोली की दवा बिकवाने का खेल थम नहीं रहा है। रविवार की रात मरीजों को बाजार से खरीदने के लिए महंगे इंजेक्शन लिखे गए। परची मिलने के बाद जांच शुरू हो गई है। चर्चा है कि दवा के मुख्य कारोबारी के लोग यहां बैठकर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बाजार के महंगे इंजेक्शन की परची थमा रहे हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमएस ने जांच शुरू करा दी है।
सोमवार को ओपीडी के कई कक्षों का निरीक्षण किया गया। कक्षों में संदिग्ध लोग मिले। संबंधितों को फटकार लगाकर खदेड़ दिया गया। चिकित्सकों को अंतिम चेतावनी दी गई है। इसके बाद भी सुधार न आने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इमरजेंसी में भी बाजार से इंजेक्शन लिखने की जांच कराई जा रही है।
डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल