रायबरेली। शहर में अवैध होर्डिंग का जाल फैला है। फुटपाथ के किनारे, प्रमुख सड़कों, बिजली के खंभों, संकेतकों पर जगह-जगह होर्डिंग लगे हैं। कई स्थानों पर विज्ञापन सामग्री ने दिशा और यातायात संबंधी संकेतकों को भी ढक दिया है। इससे बाहर से आने वाहन चालकों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी हो रही है।
होर्डिंग की वजह से फुटपाथ गायब है। कहीं बिजली के पोल तो कहीं पर लोहे की ग्रिल पर बैनर होर्डिंगें लगाई गई हैं। इससे आंधी चलने पर हादसे का खतरा भी है। शहर के डिग्री कॉलेज चौराहा, सिविल लाइन, जेल रोड, पुलिस लाइन, बस स्टेशन रोड, जिला अस्पताल रोड, कचहरी रोड, कैनाल रोड, सिविल लाइन रोड, गोरा बाजार रोड, गल्ला मंडी रोड, सब्जी मंडी, सुपर मार्केट, रेलवे स्टेशन रोड पर अवैध होर्डिंगों का जाल बिछा है। नियमों को ताक पर होर्डिंगें लगाई गई हैं।
होर्डिंगों की वजह से होती परेशानी
मनमानी तरीके से लगाई गई होर्डिंगों की वजह से वाहन चालकों को परेशानी होती है। आईटीआई मार्केट के व्यापारी भूपेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि कारोबार के सिलसिले में लखनऊ आना-जाना रहता है। बस स्टेशन से लेकर पुलिस लाइन तक होर्डिंगें लगी होने से फुटपाथ गायब है। सड़क पर तक अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे जाम की स्थिति होने से आने-जाने में परेशानी होती है। सत्य नगर निवासी नीरज शुक्ला और संजय सिंह बताते हैं कि शहर में होर्डिंग लोगों को भ्रमित करती हैं। यातायात नियमों को जागरूक करने के लिए लगाए गए संकेतक ढके होने से नहीं दिखते हैं। सिर्फ बैनर, होर्डिंग नजर आते हैं। आटो चालक पवन कुमार व अमरनाथ ने बताया कि बेतरतीब तरीके से लगी होर्डिंग की वजह से हादसे की आशंका बनी रहती है।
जिला अस्पताल चौराहे के पास होर्डिंग लगाई गई हैं। यहीं पर ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए पुलिस बैरियर लगाए गए हैं। होर्डिंग के पास ही सटाकर पुलिस बैरियर रख दिए गए हैं। लोग तेजी से फर्राटा भरते हैं और होर्डिंग उन्हें भ्रमित करती है। इससे हादसे का खतरा रहता है। यह शहर का सबसे व्यस्ततम चौराहा है।
बिजली के पोल पर लगा दी होर्डिंग
राना नगर के पास बिजली के पोल पर होर्डिंग लगा दी गई है। इससे आग लगने का खतरा रहता है। बावजूद अफसरों की नजर इस होर्डिंग पर नहीं पड़ी। इसके अलावा भी कई स्थानों पर बिजली के पोल पर होर्डिंग लगाई गई हैं। पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की तरफ से इस मामले की शिकायत संबंधित विभाग से नहीं की गई।
छात्राओं पर हादसे का बढ़ा खतरा
पुलिस लाइन से नजदीक राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गेट के सामने कई होर्डिंग लगा दी गई हैं। ये होर्डिंगें बिल्कुल सड़क से सटकर लगाई गई हैं। आंधी आने पर होर्डिंगों के गिरने से छात्राओं के चपेट में आने की आशंका बनी रहती है। पैसा कमाने के चक्कर में स्कूल परिसर के बाहर तक होर्डिंग नियम विरुद्ध लगाई जा रही हैं।
अफसरों की नहीं पड़ रही नजर
पुलिस लाइन रोड पर भी बिजली के पोल पर होर्डिंग लगा दी गई है। होर्डिंग सड़क के पास लगी है। इस रोड से प्रतिदिन हजारों की तादाद में लोगों का आना-जाना रहता है। आंधी आने पर होर्डिंग लोगों पर गिर सकती हैं। इसके बावजूद पालिका के अफसरों की नजर नहीं पड़ी और मनमाने तरीके से होर्डिंग लगा दी गई।
होर्डिंग के चक्कर में फुटपाथ गायब
डिग्री कॉलेज चौराहे पर हर तरफ होर्डिंग लगी हैं। होर्डिंगों की वजह से फुटपाथ गायब हो गया है। इससे नागरिकों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। जाम की स्थिति रहती है। फुटपाथ गायब होने से पुलिसकर्मियों को भी जाम हटाने में मशक्कत का सामना करना पड़ता है। बावजूद नियम विरुद्ध होर्डिंग लगवा दी गई हैं।
इन नियमों का पालन जरूरी
-कोई भी होर्डिंग हरियाली का अवरोधक नहीं बन सकता।
- ऐतिहासिक इमारत या धार्मिक निर्माण के सामने होर्डिंग नहीं लगेंगे।
- होर्डिंग की सड़क के किनारे से कम से कम दूरी 100 मीटर होना चाहिए।
- होर्डिंग बिजली के तारों से दूर होना चाहिए।
- कोई भी होर्डिंग एक्रॉस द रोड नहीं लगा होना चाहिए।
- किसी भवन के ऊपर लगा लुभावना होर्डिंग वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण न बने।
- एक होर्डिंग से दूसरे होर्डिंग की दूरी 300 मीटर से अधिक होनी चाहिए।
- शहर में होर्डिंग लगवाने के लिए नगर पालिका से अनुमति लेना अनिवार्य है।
- चौराहे या क्रॉसिंग के आसपास के दायरे में होर्डिंग या यूनिपोल नहीं लगाया जा सकता है।
- निजी भूमि पर भी होर्डिंग लगाने के लिए नगर निगम की से अनुमति लेनी होगी।
- सक्षम अधिकारी को अनधिकृत होर्डिंग को हटाने और उससे संबंधित खर्च वसूलने का अधिकार है।
राना नगर में लालगंज मार्ग किनारे बिजली के पोल पर लगी होर्डिंग।