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रायबरेली : 117 करोड़ की अमृत योजना की होगी जांच, नगर विकास मंत्री ने दिए आदेश

Thu, 28 Feb 2019 09:24 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला रायबरेली
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नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना
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शहर की ढाई लाख आबादी को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई अमृत योजना जांच के दायरे में आ गई है। गुणवत्तापूर्ण कार्य न होने पर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने न सिर्फ नाराजगी जाहिर की है, बल्कि जांच के आदेश भी दिए हैं। योजना के तहत क्या-क्या गड़बड़ी की गईं, इसकी पूरी रिपोर्ट भी तलब की है। कार्य ठीक न होने के चलते ही पाइप लाइन बिछाने और पानी की टंकियां स्थापित होने के बाद भी पालिका की ओर से अब तक हैंडओवर नहीं किया गया है।
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अमृत योजना के तहत शहरवासियों को भरपूर पानी उपलब्ध कराने के लिए 117 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। कार्यदायी संस्था को जलनिगम इसका काम सौंपा गया था। पाइप लाइन बिछाने के साथ ही पानी की टंकियां भी लगाई गईं। लेकिन शहर के विभिन्न स्थानों पर पाइप लाइन चोक कर गईं हैं। इससे सड़कों पर पानी भरा रहता है। इसलिए नगर पालिका ने इस काम को हैंडओवर करने से इनकार कर दिया है। गुरुवार को नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने पालिकाध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव, उनके प्रतिनिधि मुकेश श्रीवास्तव, ईओ बालमुकुंद मिश्रा समेत अन्य पालिका अफसरों व कर्मचारियों के साथ बैठक करके शहर के विकास की हकीकत जानी। पालिकाध्यक्ष ने उनके सामने अमृत योजना का कार्य ठीक से न होने की बात कही। इस पर मंत्री ने पूरी रिपोर्ट तलब की और जांच के आदेश दिए।
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सीवर लाइन बिछाने में हो रही मनमानी

नगर विकास मंत्री के सामने अमृत योजना के तहत शहर में सीवर लाइन बिछाने में की जा रही मनमानी का मुद्दा भी उठाया गया। इस योजना में 111 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। जलनिगम ही कार्यदायी संस्था है। सीवर लाइन डालने के लिए हो रही खोदाई में पानी की पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। पालिका अधिकारियों ने मंत्री के सामने बात रखी कि नक्शा लेकर सीवर लाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इसे दिखवाया जाएगा। मनमानी नहीं होने दी जाएगी।

प्रभारी मंत्री से शिकायत हुई, लेकिन नहीं हुई जांच
अमृत योजना के तहत चाहे पेयजल की पाइप लाइन बिछाने का मामला रहा हो या फिर सीवर लाइन का। अरबों रुपये की इन योजनाओं में धांधली की शिकायत प्रभारी मंत्री नंदगोपाल नंदी से भी की गई। यह मामला तत्कालीन डीएम संजय कुमार खत्री की जानकारी में भी रहा, लेकिन शिकायत के बावजूद जांच नहीं कराई गई। एक बार फिर नगर विकास मंत्री से शिकायत की गई है। देखना यह है कि जांच होती भी है या नहीं। 
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