रायबरेली में मंगलवार को सर्वजना कम्पनी में जमाकर्ताओं की रसीद।
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रायबरेली। पांच साल में पैसा दोगुना करने का लालच देकर करीब 75 करोड़ रुपये जमा कराने के बाद चिटफंड कंपनी फरार हो गई। रिकरिंग खाता व फिक्स डिपॉजिट के नाम पर कंपनी ने क्षेत्र के करीब 700 लोगों को ठगा। कंपनी के भागने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने मामले में कोर्ट के आदेश पर कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक समेत 11 लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमे के आरोपी प्रतापगढ़, प्रयागराज व अन्य जिलों के रहने वाले हैं।
सलोन कस्बे में वर्ष 2014-15 से संचालित क्रेडिबल एग्रोलैंड लिमिटेड कंपनी ने लोगों को पांच साल में रकम दो गुनी कराने का लालच देकर मेहनत की कमाई को जमा कराया। रुपये जमा कराने के लिए उसने कई एजेंट भी रखे। क्षेत्र के 700 से अधिक लोगों का करीब 75 करोड़ रुपया जमा होने के बाद जब भुगतान का समय आया तो कंपनी मौका पाकर भाग गई। कंपनी के भागने की शिकायत थाने में की गई, लेकिन सुनवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।
कंपनी के एजेंट रवींद्र कुमार यादव निवासी मोहद्दीनगर की गुहार पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। सलोन कोतवाल राम आशीष उपाध्याय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर क्रेडिबल एग्रोलैंड लिमिटेड कंपनी के 11 लोगों के खिलाफ धारा 406ए 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
करीब 700 लोगों का कंपनी ने 75 करोड़ रुपयेे डकारा है। जांच की जा रही है। इसमें लोगों की संख्या व रकम बढ़ सकती है। चिट फंड कंपनी क्रेडिबल एग्रोलैंड लिमटेड के हरिश्चंद्र मौर्य निवासी कामापट्टी प्रतापगढ़, विनोद कुमार पांडेय निवासी लालगोपालगंज, संतपाल निवासी कमालापुर, राधेश्याम पटेल निवासी सिंगारपूरा प्रयागराज, तीरथलाल निवासी मुस्तफाबाद ऊंचाहार, श्रवण कुमार निवासी लच्छीपुर बिहार प्रतापगढ़, अमित कुमार ओझा निवासी संभई मंसूरबाद, अनिकेत निवासी झोखऱी आदमपुर नवाबगंज, मिथलेश कुमार निवासी बांसगांव प्रयागराज, शारदा यादव निवासी सोरांव प्रयागराज व राजकुमार मौर्य निवासी कंधई नावबगंज के खिलाफ केस दर्ज किया गया हैं।
इनमें से ज्यादातर प्रयागराज क्षेत्र के रहने वाले हैं। जो सलोन में भोली भाली जनता को ज्यादा ब्याज देने का लालच देकर उनकी जिंदगी भर की जमा पूंजी लेकर भाग निकले।