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Raebareli News: मासूमों पर भारी ठंड, बच्ची की मौत, सात नवजात भर्ती

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रायबरेली। ठंड मासूमों पर भारी पड़ रही है। बुखार की चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई एक बालिका की बुधवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला अस्पताल के सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट फुल होने के बाद सात नवजातों को जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया है।
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महानंदपुर की गौरी (12) को बुखार की चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान बुधवार रात बच्ची की मौत हो गई। उधर, महिला अस्पताल में सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट के बेड फुल हो गए हैं। ऐसे में गंभीर नवजातों को जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराना पड़ रहा है।
बेलाभेला निवासी सावित्री, दुकनहा निवासी सिद्धी, दुर्गापुर डीह निवासी ज्योति, पीएसी कॉलोनी निवासी अंकिता, इब्राहिमपुर निवासी नीतू, सूर्यबख्शखेड़ा डीह निवासी रोशनी और मिल एरिया क्षेत्र की अर्चना के नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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सर्दियों में नवजात को हाइपो थर्मिया का बड़ा खतरा
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि नवजात को हाइपो थर्मिया यानी ठंडा बुखार हो सकता है। सावधानी न बरतने पर यह घातक साबित हो सकता है। हाइपोथर्मिया की स्थिति में नवजात के शरीर का तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस से कम हो जाता है। त्वचा पतली होने व वसा कम होने से नवजात आसानी से इसकी गिरफ्त में आ जाते हैं।
इसी कारण नवजातों को एसएनसीयू में भर्ती कराना जरूरी होता है। समय से इलाज न शुरू करने पर समस्या आ सकती है। जाड़े में नवजात को सामान्य की अपेक्षा ज्यादा कपड़े पहनाएं। उसे ढक कर रखें। मां का दूध अवश्य पिलाएं। यह हाइपोथर्मिया से बचाता है। नवजात के हाथ पैर व पेट ठंडे होना, सुस्त होना, सांस धीमी चलना, रोते समय आवाज कम होना या आवाज का न निकलना, अनियमित धड़कन, खून में ऑक्सीजन का निम्न स्तर आदि हाइपोथर्मिया के लक्षण हैं।
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