सतांव (रायबरेली)। कोहरे के चलते बेकाबू डंपर ने बुधवार सुबह सात बजे सड़क किनारे एक दुकान पर चाय पी रहे 10 लोगों को रौंद दिया। हादसे में चाय दुकानदार समेत पांच की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चार घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। घायलों में मृत दुकानदार का पुत्र भी शामिल है। सभी की हालत गंभीर है। पुुुलिस ने डंपर चालक को हिरासत में ले लिया है। हादसा गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में बांदा-बहराइच राजमार्ग पर खगियाखेड़ा गांव के पास हुआ।
खगियाखेड़ा गांव निवासी ललई गांव के पास ही हाईवे किनारे गुमटी रखकर चाय बेचता था। गुमटी के निकट ही मौरावां रजबहा गुजरी है। सुबह करीब सात बजे ललई के अलावा गांव के ही नौ लोग उसकी दुकान पर चाय पीने के साथ अलाव ताप रहे थे। घना कोहरा गिर रहा था।
इसी बीच बछरावां से लालगंज की तरफ जा रहा खाली डंपर (यूपी 77 एन 7473) दूसरी साइड में जाकर चाय पी रहे लोगों को रौंदते हुए रजबहे में जा घुसा। टक्कर इतनी तेज थी कि कुछ लोग रजबहे में जा गिरे। सूूचना मिलते ही गुरुबख्शगंज, खीरों, बछरावां समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने सभी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक चाय दुकानदार ललई (65) पुत्र बद्री, लल्लू (50) पुत्र सत्यनारायण, रविंद्र (35) पुत्र छेदीलाल, वृंदावन उर्फ गुटकू (40) पुत्र रामआसरे, शिवमोहन (40) पुत्र महादेव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संतोष (35) पुत्र रंगईलाल ने इलाज के दौरान जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके अलावा अशोक वाजपेयी (65), राम प्रकाश तिवारी (62), दीपेंद्र (40), श्रवण (36) पुत्र ललई घायल हो गए।
घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। बचाव व राहत कार्य के बीच डीएम माला श्रीवास्तव, एसपी आलोक प्रियदर्शी, अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे और पड़ताल की। एसपी नेे बताया कि डंपर के रौंदने से छह लोगों की मौत हुई है, जबकि चार लोग जख्मी हुए हैं। कानपुर नगर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर निवासी डंपर चालक दिनेश पाल को हिरासत में लेकर घटना के बारे में उससे पूछताछ की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज कर चालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
आईजी भी मौके पर पहुंचे
हादसे की खबर पाकर दोपहर करीब डेढ़ बजे लखनऊ रेंज के आईजी तरुण गाबा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अफसरों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ ही मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आईजी करीब आधा घंटे तक मौके पर रुके। उन्हाेंने ग्रामीणाें से भी बात की।
हादसे में जान गंवाने वाले जिन लोगों के नाम कृषि योग्य भूमि है, उन मृतक किसानों के परिजनों को किसान दुर्घटना बीमा के तहत पांच-पांच लाख रुपये की मदद दिलाई जाएगी। जिनके नाम कृषि योग्य भूमि नहीं है, उनके भी आश्रितों को अन्य योजना से मदद दिलाई जाएगी।
माला श्रीवास्तव, डीएम