रायबरेली। मरीजों को बाजार की महंगी दवाएं लिखकर मोटी कमाई करने वाले डॉक्टरों को झटका लग गया है। जिले के 14 सरकारी अस्पतालों में इसी माह से सस्ती दवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए लाइसेंस जारी कर दिया है।
शासन से जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में जन औषधि केंद्र संचालित कराने के आदेश दिए हैं, जिससे मरीजों को बाजार से महंगी दवाएं न खरीदनी पड़े। जिला महिला और पुरुष अस्पतालों के साथ ही सभी 19 सीएचसी में यह केंद्र खोले जाने हैं। इन केंद्रों के खुलने के बाद मरीजों को बाजार की महंगी दवाएं लिखकर मोटी कमाई करने वाले डॉक्टरों को झटका लगेगा। अस्पतालों में मुफ्त दवाएं मिलने के बाद जरूरी दवाएं इन केंद्रों से कम मूल्य में खरीदी जा सकेंगी।
जिले के जिला महिला और पुरुष अस्पतालों के अलावा सीएचसी ऊंचाहार, रोहनियां, बछरावां, दीनशाह गौरा, खीरों, सरेनी, नसीराबाद, लालगंज, हरचंदपुर, बेलाभेला, खजूरगांव, शिवगढ़ में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह ने लाइसेंस जारी कर दिया है। जून से ही सभी केंद्रों को संचालित कराने के आदेश दिए हैं। शासन स्तर से सभी केंद्रों को संचालित कराने के लिए भारती शर्मा को टेंडर दिया गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिला महिला और पुरुष अस्पताल के अलावा 12 सीएचसी में जन औषधि केंद्र संचालित कराने के लिए लाइसेंस जारी कर दिया गया है। शेष सीएचसी में भी जन औषधि केंद्रों के लिए जल्द ही लाइसेंस दिए जाएंगे।
जन औषधि केंद्रों में होंगी 600 जेनरिक दवाएं
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों में करीब 600 तरह की जेनरिक दवाइयों के साथ ही सर्जिकल सामान भी उपलब्ध होगा। इनके रेट निजी मेडिकल स्टोरों पर मिलने वाली दवाइयों व सामानों से कम होंगे। सरकारी आपूर्ति में दवाओं की कमी होने पर मरीजों को इन केंद्रों से सस्ती दर पर दवा सुगमता से मिल सकेंगी।
जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए जन औषधि केंद्रों का संचालन होना है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। जिन सीएचसी को लाइसेंस मिल गया है, वहां केंद्र के संचालन के आदेश दिए गए हैं। सभी अस्पतालों में केंद्र खुलेंगे।
- डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ रायबरेली