खीरो (रायबरेली)। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान बनाए गए पर सुविधाएं व संसाधन न होने से यह मैदान वीरान पड़े हैं। अव्यवस्थाएं हावी हैं। इससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पा रहा है। जिम्मेदाराें की इस अनदेखी के कारण खेल प्रतिभाओं को पलायन के लिए विवश होना पड़ रहा है।
कस्बे में दो वर्ष पूर्व 13.52 लाख की लागत से खेल मैदान बनाया गया था। समतलीकरण के साथ चारों ओर खंभे लगाकर कटीले तार से बैरिकेडिंग की गई। युवाओं का कहना है कि दो वर्ष पहले बना मैदान देखभाल न होने से अब उबड़ खाबड़ व बदहाल हो गया है। यहां न तो पीने के लिए पानी की व्यवस्था है और न दौड़ने के लिए ट्रैक की। रात होते ही पूरा खेल मैदान अंधेरे में गुम हो जाता है। खेलने की सुविधा संसाधन न होने से युवा तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।
ग्राम मथुरा खेड़ा निवासी संदीप कुमार, मनीष कुमार व शुभम ने बताया कि युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए मंगल दल का गठन किया गया है, लेकिन यह दल कागज पर ही अपना कौशल दिखा रहे हैं। पीआरडी की बीओ कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि 60 ग्राम पंचायतों में 120 मंगल दल के सापेक्ष 48 पुरुष व 50 महिला मंगल दल गठित किए गए हैं।
22 युवक मंगल दल का अभी गठन करने की प्रक्रिया चल रही है। मंगल दल के अध्यक्ष व ग्राम प्रधान के माध्यम से खेल सामग्री दी जाती है। खेलकूद का सामान युवाओं को न मिलने के मामले की जांच कराई जाएगी।