रायबरेली। जिले की 988 पंचायतों में जन्म और मृत्यु के पंजीयन का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। कई महीने से रिपोर्ट उपलब्ध न कराए जाने पर सीएमओ ने डीपीआरओ को नोटिस जारी कर दी है।
राष्ट्रीय कार्यक्रम में सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों में जन्म और मृत्यु का अलग से एक-एक रजिस्टर बनाया गया है।
सचिवों को हर महीने मरने वाले लोगों और जन्म लेने वाले नवजातों की अंकन रजिस्टर में करना होता है। साथ ही ऑनलाइन भी पंजीयन करना होता है। हर महीने पंचायतीराज विभाग यह रिपोर्ट भी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाता है। स्वास्थ्य विभाग हर महीने जिले की रिपोर्ट को तैयार करवा कर शासन को उपलब्ध करवाता है।
पिछले कई महीने से पंचायतीराज विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट ही देना बंद कर दिया है। बताते हैं कि गांवों में सचिवों ने जन्म और मृत्यु का पंजीयन ही ठप कर दिया है।
इसी कारण ब्लॉकों से रिपोर्ट न आने के कारण काम पूरी तरह से ठप है। कहीं चुनाव तो कहीं कोरोना के कहर का बहाना करके सचिव यह काम नहीं कर रहे हैं। इससे शासन की हर महीने सही रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने डीपीआरओ को नोटिस देकर नाराजगी जताते हुए तत्काल जन्म और मृत्यु से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं, जिससे शासन को सही रिपोर्ट भेजी जा सके।
एडीओ को पत्र जारी कर मांगी रिपोर्ट: डीपीआरओ
जिला पंचायतराज अधिकारी राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि जन्म और मृत्यु से संबंधित रिपोर्ट हर महीने ब्लॉकों से आनी चाहिए। कुछ महीने से रिपोर्ट नहीं आ रही है।
मामले में सभी सहायक विकास अधिकारियों को पत्र जारी करके रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही शत प्रतिशत जन्म और मृत्यु का पंजीयन भी करवाने के आदेश दिए गए हैं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।
पंचायतीराज विभाग ने जन्म और मृत्यु से संबंधित रिपोर्ट नहीं आ रही है। ऐसी स्थिति में शासन को रिपोर्ट नहीं जा पा रही है। मामले में डीपीआरओ को पत्र भेजकर रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ