रायबरेली में शनिवार को मिले प्रमाणपत्र के साथ किसान और साथ में प्रभारी मंत्री नंदगोपाल नंदी, सीडीओ देवेंद्र पांडेय व मौजूद अन्य लोग।
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स्टांप तथा शुल्क, पंजीयन एवं नागरिक उड्डयन एवं जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने शनिवार को पांच हजार किसानों को कर्जमाफी के प्रमाणपत्र सौंपे। प्रमाणपत्र पाते ही किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। आईटीआई गोरा बाजार के ग्राउंड परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रमाणपत्र देने के दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार के घोषणा पत्र में लघु एवं सीमांत कृषकों के फसली ऋण माफ करने की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री ने घोषणा पत्र के वादे को पूरा करते हुए संपूर्ण उत्तर प्रदेश में लघु सीमांत कृषकों को ऋण माफ किया। उन्होंने कहा कि किसी अफसर ने ऋण माफी के नाम पर घूस तो नहीं ली। ली हो तो हाथ उठाएं।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश फसल ऋण मोचन योजना के प्रथम चरण में ऐसे किसानों को प्राथमिकता दी गई है, जिन्होंने अपने फसली ऋण खातों को आधार कार्ड से लिंक करा लिया गया है। खातों के आधार कार्ड से लिंक होने के बाद लाभार्थियों के खातों में सीधा भुगतान किया गया है।
प्रभारी मंत्री ने योजना के क्रियान्वयन के दूसरे चरण के बारे में बताया कि जिन किसानों के बैंक में फसली ऋण खाते प्रथम चरण में आधार कार्ड से लिंक नहीं हुए हैं वे कृषक बैंक शाखा में जाकर अपने खाते को आधार कार्ड से लिंक करा लें। इसके बाद द्वितीय चरण में जिलास्तरीय समिति के अनुमोदनोपरांत भुगतान सीधे लाभार्थी के ऋण खाते में किया जाएगा और उनको ऋण मोचन प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी देवेंद्र पांडेय ने बताया कि ऋण मोचन सहायता प्रणाली आधार कार्ड से लिंक कराकर किसान इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।