रायबरेली। जिले के अधिकारी लापरवाही की हद पार कर रहे हैं। पंचायत चुनाव से दो दिन पहले खीरों ब्लॉक के बनईमऊ गांव में तैनात सफाईकर्मी बाल कुमार की 13 अप्रैल को मृत्यु हो चुकी है।
इसके बाद भी सीडीओ अभिषेक गोयल ने सफाई कर्मचारी का मई माह का वेतन रोकते हुए नोटिस देकर जवाब मांगा है। जारी नोटिस में सीडीओ ने साफ लिखा है कि फोन के माध्यम से संपर्क करने पर पाया गया कि सफाई कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के गैरहाजिर मिला। संबंधित गांव में सफाईकर्मी न उपस्थित होने का सही उत्तर नहीं दे पाया। शासकीय कार्यों में लापरवाही पर कार्रवाई की गई है।
लालगंज निवासी बाल कुमार खीरों ब्लॉक के बनईमऊ गांव में सफाईकर्मी था। 13 अप्रैल को उसकी मौत हो गई थी। नगर पंचायत लालगंज की ओर से उसका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी किया गया।
गांवों में चल रहे स्वच्छता व दवा छिड़काव अभियान के तहत सीडीओ रोस्टर के हिसाब से सफाईकर्मियों को फोन करवाकर उपस्थिति की जांच कर हैं। बीती 21 मई को मृत सफाईकर्मी को फोन पर बात करने के बाद गांव में अनुपस्थित दिखा दिया गया।
खास बात यह कि 21 मई को जांच करवाने के बाद सीडीओ ने 25 मई को आदेश जारी कर उसका मई माह का वेतन रोकने के साथ ही जवाब मांगा है। एडीओ खीरों विनय निर्मल का कहना है कि बनईमऊ के सफाईकर्मी की मौत 13 अप्रैल को ही हो गई थी। इसकी सूचना भी उच्चाधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी है। हालांकि मृत सफाईकर्मी के घर नोटिस पहुंचने के बाद घर के लोग बेहद परेशान हैं।
नोटिस पाए 106 सफाईकर्मियों में नाराजगी
सफाईकर्मियों की समीक्षा करने के नाम पर जमकर मनमानी हो रही है। तमाम सफाईकर्मियों का कहना है कि नाली व गंदगी में काम करने के दौरान यदि कोई फोन आया भी होगा तो हम लोग अपने दायित्वों का निर्वहन करें कि मोबाइल पर बात करें।
कई सफाईकर्मियों का कहना है कि फोन पर गांव में उपस्थित होने की बात भी बताई। उसके बाद भी वेतन रोकते हुए नोटिस आ गया है। ऐसे ही 106 सफाईकर्मियों में नोटिस मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। सफाईकर्मियों का कहना है कि गांवों में काम करने के बाद भी कार्रवाई की दबाव बनाकर कोरोना काल में उत्पीड़न करने का प्रयास किया जा रहा है।
हर रोज गांवों में काम कर रहे सफाईकर्मियों को फोन करवाकर उपस्थिति की जांच कराई जा रही है। यदि फोन पर सही जवाब नहीं आता तो ही वेतन रोककर नोटिस दिया जा रहा है। बनईमऊ के सफाईकर्मी की मृत्यु होने की जानकारी नहीं है। हालांकि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सफाईकर्मी का उत्पीड़न नहीं किया जा रहा है।
अभिषेक गोयल, सीडीओ