सीसीआरएस ने परखा दोहरीकरण का नया ट्रैक, हरी झंडी मिलने की उम्मीद
श्रीराज नगर से कुंदनगंज स्टेशनों के बीच 16 किमी. बिछाया नया ट्रैक
बारीकी से जांच के बाद 110 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाई गाड़ी
फोटो संख्या 5
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली/बछरावां। लखनऊ-रायबरेली रेल मार्ग के दोहरीकरण में दूसरे चरण का काम पूरा कर लिया गया है। इसके तहत श्रीराज नगर से कुंदनगंज स्टेशनों के बीच करीब 16 किमी. के नए ट्रैक का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) एसके पाठक ने निरीक्षण किया। उन्होंने नए बिछाए गए ट्रैक की बारीकी से छानबीन की और सारे प्वॉइंट चेक किए। स्टेशनों पर रिले रूम का मुआयना भी किया। पूरी पड़ताल करने के बाद 110 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाई, ताकि दोहरीकरण कार्य को हरी झंडी दी जा सके।
सीसीआरएस के साथ निरीक्षण पर आए मंडल रेल प्रबंधक संजय त्रिपाठी ने बताया कि यात्री सुविधाओं एवं यात्री यातायात के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए उत्तर रेलवे का लखनऊ मंडल निरंतर नवीन उपलब्धियों के लिए अग्रसर रहता है। इसी कड़ी में लखनऊ-रायबरेली रेल खंड के करीब 65 किलोमीटर ट्रैक के दोहरीकरण का कार्य वर्ष 2011-12 में स्वीकृत हुआ था। जिसमें प्रथण चरण में उतरेटिया से श्रीराज नगर तक करीब 29 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक का अप्रैल 2019 में दोहरीकरण कर लिया गया। दूसरे चरण में श्रीराज नगर से बछरावां होते हुए कुंदनगंज तक लगभग 16 किलोमीटर का नवनिर्मित ट्रैक का निरीक्षण कराया गया।
सीसीआरएस ने श्रीराज नगर से कुंदनगंज के मध्य दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण रेल मार्ग पर निरीक्षण किया। इस रेल खंड पर निर्धारित अधिकतम मानक गति सीमा 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाकर परीक्षण किया गया। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने संपूर्ण मानकों, संसाधनों, संरक्षा उपकरणों, अन्य जरूरी प्रक्रियाओं का गहनता से निरीक्षण किया। बछरावां रेलवे स्टेशन पर मंडलीय अधिकारियों के साथ पौधरोपण किया। संरक्षा एवं यात्री हितों के सर्वोच्च मानकों को प्राप्त करने के लिए सुझावों के साथ दिशानिर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि नवीन दोहरीकरण सह विद्युत रेल मार्ग की कमीशनिंग के बाद परिचालन प्रारंभ हो जाएगा, जिससे यात्रियों की यात्रा और अधिक सुगम तथा सुविधाजनक हो जाएगी।
मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि इस रेल मार्ग पर प्रतिदिन 34 जोड़ी यात्री गाड़ियों और मालगाड़ियों का आवागमन होता है। इस प्रकार यात्रियों एवं व्यापारियों के आवागमन एवं व्यापारिक दृष्टिकोण से यह मार्ग अधिक सुविधाजनक होगा। साथ ही इस दोहरीकरण सह विद्युतीकरण के जरिए गाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ेगी। निरीक्षण के समय रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विनय सिंह समेत आरवीएनएल की पूरी टीम और उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।