सतांव (रायबरेली)। उन्नाव दुष्कर्मकांड की पीड़िता की चाची-मौसी की मौत के मामले की जांच बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले ली। इसके बाद उसने इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच शुरू कर दी।
सीबीआई टीम ने घटनास्थल पर जाकर न सिर्फ सच जानने के लिए प्रकरण से संबंधित क्लू खोजे, बल्कि ट्रक चालक और क्लीनर से पूछताछ करके जानने की कोशिश की कि यह मामला हादसा था या फिर साजिश। इसमें उन्नाव के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके साथियों का कोई हाथ तो नहीं था।
अंदरखाने की मानें तो सीबीआई ने अपनी जांच में इस बात पर फोकस किया कि ट्रक बायीं तरफ से जा रहा था तो दाहिनी तरफ कैसे पहुंच गया। ट्रक के आगे हिस्से पर लिखे नंबर कालिख से क्यों पोते गए थे। घटना में क्षतिग्रस्त कार और ट्रक की भी बारीकी से जांच की।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे सीबीआई की 12 सदस्यीय टीम रायबरेली-लालगंज राजमार्ग (कानपुर हाईवे) स्थित सुल्तानपुर गांव के मोड़ के पास पहुंची। सीबीआई के मौके पर पहुंचने की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस के अलावा डीएम नेहा शर्मा, एसपी सुनील कुमार सिंह भी पहुंच गए।
सीबीआई ने सबसे पहले घटनास्थल का जायजा लिया। सड़क के दोनों तरफ की दूरी देखी। घटनास्थल पर खड़े ट्रक की जांच की और क्लू खोजे। इस दौरान ट्रक के आगे के हिस्से में कालिख पोतने पर सवाल किए। साथ ही यह भी जानने की कोशिश की कि ट्रक बायीं ओर से जा रहा था।
किस वजह से ट्रक दाहिनी ओर मुड़ा और फिर बाएं ओर कैसे तिरछा हो गया। ट्रक की स्पीड के बारे में भी सीबीआई ने पता कराया। विवेचक गुरुबख्शगंज थानेदार राकेश सिंह के अलावा रायबरेली की फोरेंसिक प्रभारी प्रतिभा त्रिपाठी, सीओ लालगंज लक्ष्मीकांत गौतम, एएसपी शशिशेखर सिंह और डीएम-एसपी से पूरे घटनाक्रम के बारे में एक-एक करके जानकारी हासिल की।
रेप पीड़िता और उसके परिवार के लोग जिस कार पर सवार थे, उसको भी सीबीआई ने देखा और जांच की। घटनास्थल के बाद सीबीआई टीम यहां पुलिस लाइंस पहुंची। पुलिस लाइंस में ट्रक चालक आशीष पाल और क्लीनर मोहन श्रीवास से भी करीब एक घंटे तक पूछताछ की और उनसे जानने की कोशिश की कि यह प्रकरण हादसा था या फिर किसी तरह की साजिश।
सीबीआई ने चालक-क्लीनर से यह भी पूछा कि वह विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जानते हैं कि नहीं। सीबीआई को बताया कि यह हादसा है। साजिश नहीं। सीबीआई ने घटना से जुड़े दस्तावेज भी लिए।
हाईवे के दुकानदारों से भी पूछताछ
सीबीआई ने हाईवे पर दुकान चला रहे और घटना के दौरान वहां पर मौजूद दुकानदारों से भी पूछताछ की। दुकानदार बनवारी, चरम, अर्जुन, रामविशाल ने बताया कि साहब हल्की बारिश हो रही थी। ट्रक की स्पीड बहुत तेज थी।
ट्रक रायबरेली से लालगंज की तरफ जा रहा था, जबकि कार लालगंज से रायबरेली की तरफ आ रही थी। देखते ही देखते हादसा हो गया। मौके पर पहुंचे तो देखा कि कार पर सवार लोग घायल हो गए थे। सूचना पर पुलिस ने सभी को अस्पताल पहुंचाया।
दोबारा घटनास्थल पहुंची सीबीआई, स्थानीय पुलिस को बाहर किया
मामला हाईप्रोफाल होने के चलते सीबीआई इसको लेकर गंभीर दिखी। पूर्वाह्न 11 बजे घटनास्थल का जायजा लेने के बाद सीबीआई यहां जिला मुख्यालय पहुंचकर पुलिस लाइंस में ट्रक चालक व क्लीनर से पूछताछ की। यहां के बाद टीम फिर घटनास्थल पर पहुंच गई। अंदरखाने की मानें तो दूसरी बार की जांच में स्थानीय पुलिस तक को बाहर कर दिया।
सीबीआई के अधिकारियों ने ही घटनास्थल पर पड़ताल की। घटनास्थल को फिर बारीकी से चेक किया। सीबीआई टीम ने पूरे दिन यहां रहकर जांच की। इस दौरान सीबीआई अफसरों ने मीडिया से कुछ भी बताने से इंकार किया। कई बार तो सीबीआई ने मीडिया कर्मियों को फोटो तक खींचने से मना कर दिया।
यूपी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी
कानपुर हाईवे पर हुई घटना के बाद यह मामला तूल पकड़ रहा है। सियासत भी तेज हो गई। यूपी सरकार ने प्रकरण की सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। यूपी सरकार के पत्र पर केंद्र सरकार ने प्रकरण की जांच के लिए सीबीआई से मामले की जांच कराने की हरी झंडी दे दी थी।
हरी झंडी मिलने के बाद आननफानन में सीबीआई टीम बुधवार को यहां पहुंचकर पड़ताल की और जानने का प्रयास किया कि जिस तरह इसको लेकर माहौल गरम है, वाकई में वह कितना सच है।