लेकिन इलाज के लिए रुपये न होने के कारण इलाज नहीं हो सका था। अमावां ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल कोडऱस बुजुर्ग में समायोजन के बाद शिक्षामित्र फूलचंद्र (28) पुत्र रामपाल को तैनाती दी गई थी।
हाईकोर्ट से समायोजन पर रोक लगने के कारण उसे कई महीने से वेतन नहीं मिला। घर की स्थिति भी बेहद खराब थी। 8 दिसंबर को उसे ब्रेन हैमरेज हो गया था।
उसे सीएचसी के बाद जिला अस्पताल लाया गया था। लेकिन हालत नाजुक होने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया था। उसकी लखनऊ में बुधवार रात मौत हो गई।
पिता रामपाल मजदूरी करके काम चलाता है। शिक्षामित्र के परिवार की नौकरी ही एक सहारा था। बड़े भाई राममिलन ने बताया कि वेतन न मिलने के कारण आर्थिक हालत खराब चल रही थी।
भाई के इलाज में रुपयों की कमी आई, जिससे अच्छा इलाज नहीं हो सका और उसकी मौत हो गई। वहीं शिक्षामित्र फूलचंद की पत्नी कंचन रो-रोकर बेहाल है। घर में कोहराम मचा हुआ है।