नसीराबाद (रायबरेली)। नसीराबाद देहात गांव में डेंगरा तालाब के पास से पेड़ काटने के मामले में हुए बवाल में पुलिस ने प्रधान पति व सात नामजद व 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, पुलिस ने शुक्रवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया है।नसीराबाद देहात गांव में डेंगरा तालाब के बंधे पर ग्रामसभा की तरफ से यूकेलिप्टस के पेड़ लगवाए गए थे। तालाब में एक पुराना शिव मंदिर भी बना हुआ है। बृहस्पतिवार को गांव के दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति ने उस जमीन को अपना बताकर यूकेलिप्टस का पेड़ कटवाना शुरू कर दिया था। इसपर ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। लाठी-डंडा लेकर तालाब के किनारे पहुंच गए और मारपीट शुरू कर दी।
जानकारी पर नायब तहसीलदार शमीम अहमद, कानूनगो अमर बहादुर सिंह व इंस्पेक्टर गोविंददास पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान इंस्पेक्टर गोविंददास, महिला पीआरडी माधुरी को चोटें आईं। देर शाम इंस्पेक्टर की तहरीर पर प्रधान पति तुलसीराम पासी सहित सात नामजद व 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
थानाध्यक्ष कमलेश कुमार राजभर ने बताया कि निवासी पूरे बंधन मजरे नसीराबाद के प्रधान पति तुलसीराम पासी, धनराज, ओमप्रकाश, पारसनाथ को हिरासत में लिया गया है। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं।
प्रधानों में नाराजगी, वापस लिया जाए मुकदमा
नसीराबाद देहात गांव में पुलिस व राजस्व टीम की कार्रवाई से प्रधानों में नाराजगी है। प्रधान संघ के अध्यक्ष ब्रजपाल सिंह पासवान व प्रधान राम मिलन मौर्य ने बताया कि पुलिस व राजस्व विभाग की टीम ने खड़े होकर पेड़ों को कटवाया है। यह बहुत गलत है। इसमें एक दूसरे समुदाय के व्यक्ति का साथ दिया गया। थाना जाने के बाद पुलिस ने प्रधान पति तुलसीराम पासी से मुलाकात करने नहीं दिया। सभी ने मुकदमा वापस लिए जाने की मांग की है।