रायबरेली। जिले की दुकानों में बिक रहा मिलावटी दूध, पनीर, खोवा, छेना सहित अन्य खाद्य पदार्थ सेहत के लिए नुकसानदेय हैं। प्रयोगशाला की जांच में खाद्य पदार्थों के नमूने फेल होने के बाद आठ कारोबारियों के खिलाफ एडीएम प्रशासन कोर्ट में मुकदमा किया गया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पनीर का नमूना फेल होने पर कस्बा जगतपुर निवासी रमेश कुमार पर मुकदमा किया गया है। इसी तरह दूध का नमूना फेल होने पर बिरनावां निवासी सोनू यादव, पनीर का नमूना फेल होने पर डलमऊ निवासी राजेश कुमार, बरफी का नमूना फेल होने पर घोरवारा निवासी प्रकाश वैद्य, खोवा का नमूना फेल होने पर कोरिहर निवासी अनिल कुमार, छेना मिठाई का नमूना फेल होने पर अघौरा घाट निवासी जितेंद्र कुमार, पनीर का नमूना फेल होने पर पूरे पंडित निवासी विष्णु कुमार, छेना मिठाई का नमूना फेल होने पर कोरिहर निवासी लल्लन कुमार के खिलाफ मुकदमा किया गया है।
ऐसे पहचानें नकली व मिलावटी पनीर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरेंद्र सिंह का कहना है कि पनीर के एक टुकड़े में आयोडीन घोल की कुछ बूंदें डालें। यदि पनीर का रंग नीला हो जाए तो उसमें स्टार्च है। शुद्ध पनीर नरम, नम और थोड़ा दानेदार होता है। यदि यह रबड़ जैसा लगे या इसमें खट्टी गंध आए तो यह खराब या नकली हो सकता है। गर्म तवे पर पनीर का एक टुकड़ा रखें। शुद्ध पनीर में पानी बहुत कम या बिल्कुल नहीं बचता। नकली पनीर अत्यधिक पानी छोड़ देगा और तेजी से सिकुड़ जाएगा। शुद्ध पनीर का स्वाद ताजा और दूधिया होता है। नकली पनीर स्वादहीन या कड़वा लग सकता है।
ऐसे करें नकली व मिलावटी खोवा की पहचान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सौरभ उत्तम का कहना है कि एक कटोरी में गर्म पानी लेकर उसमें थोड़ा आयोडीन और मावा डालें। यदि खोया नीले रंग का नजर आए तो खोवा में किसी चीज की मिलावट है। खरीदते समय खोवा को उंगलियों पर लेकर रगड़ कर देखें। असली होगा तो दानेदार व चिकना होगा, लेकिन नकली को घिसने पर रबड़ जैसा महसूस होगा और केमिकल जैसी गंध भी आएगी। इसके अलावा खोवा की गोली बनाएं। यदि गोली चिकनी और पूरी तरह से गोल न बने, टूटने लगे तो भी खोया नकली हो सकता है। शुद्ध खोये की खुशबू से दूध की खुशबू आती है।
दूध में पानी या डिटजेंट, ऐसे पहचानें
खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय त्रिपाठी का कहना है कि दूध में सबसे अधिक पानी की मिलावट होती है। एक साफ सतह पर दूध की एक बूंद डालें। असली दूध धीरे–धीरे फैलता है और सफेद निशान छोड़ता है, लेकिन मिलावटी दूध तेजी से फैल जाता है। कोई निशान नहीं छोड़ता है। कई बार दूध को गाढ़ा दिखाने के लिए उसमें डिटर्जेंट मिलाया जाता है। इसे परखने के लिए थोड़ा दूध एक बोतल में डालकर हिलाएं। असली दूध हल्का झाग बनाता है, जो जल्दी गायब हो जाता है। डिटर्जेंट मिला दूध बहुत ज्यादा झाग बनाता है और वह देर तक बना रहता है।
घटिया खाद्य पदार्थों से सेहत को खतरा
जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि लगातार मिलावटी या घटिया खाद्य पदार्थों का सेवन सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे पेट की समस्याएं जैसे गैस, सूजन और दर्द हो सकता है। त्वचा की एलर्जी या चकत्ते, गंभीर मामलों में गुर्दे की समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की पहचान करने के बाद ही उसका सेवन करें।