रायबरेली स्टेशन पर लखनऊ से आई आरडीएसओ की ट्रैक रिकॉर्डिंग कार।
रायबरेली। अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) लखनऊ की ट्रैक रिकॉर्डिंग कार यानी रेल पथ अभिलेखीकरण यान के जरिए रायबरेली से ऊंचाहार के बीच रेलवे ट्रैक की क्षमता परखने का काम शुरू हो गया है। करीब 30 किमी. के इस रेलवे ट्रैक में क्या खामी है, इसका पता लगाने का प्रयास हो रहा है। अधिकतम कितनी सीमा तक ट्रेनों को दौड़ाया जा सकता है, इस बारे में भी जानकारी कराई जाएगी। बुधवार को एक बार यह ट्रेन दौड़ाई जा चुकी है। बृहस्पतिवार को यह ट्रेन रायबरेली स्टेशन पर खड़ी रही। फिटनेस के बाद शुक्रवार को इसे फिर दौड़ाया जाएगा।
अलग-अलग क्षेत्रों या रेलखंडों के ट्रैक का परीक्षण एवं अध्ययन करने के लिए आरडीएसओ की ट्रैक रिकाॅर्डिंग कार दौड़ाई जाती है। यह ट्रेन जिस क्षेत्र में रहती है, वहां नजकीकी रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन पर फिटनेस चेक भी कराया जाता रहता है। ट्रैक रिकॉर्डिंग कार को किसी न किसी रेलखंड में दौड़ाकर ट्रैक की क्षमता एवं मानक परखा जाता है। इससे पता चल सके कि ट्रैक के किसी हिस्से में कोई खामी या मानक में कमी तो नहीं है।
दरियापुर के स्टेशन अधीक्षक शील कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को ट्रैक रिकॉर्डिंग कार ने ऊंचाहार तक दौड़ लगाई थी और शाम को वापस लौट गई थी। इसे रायबरेली स्टेशन पर रोका गया है। कोचिंग डिपो अफसर अरविंद कुमार का कहना है कि बृहस्पतिवार को ट्रैक रिकॉर्डिंग कार का परीक्षण कराया गया, ताकि शुक्रवार को इसे फिर दौड़ाया जा सके। इसे ऊंचाहार तक दौड़ाया जाना है। इसके बाद अगले रेलखंड की ओर जाएगी।