रायबरेली। शारदा सहायक नहर में मरम्मत के अभाव में रिसाव हुआ। यह हाल तब है, जब मरम्मत के लिए हर साल एक करोड़ रुपये का बजट भी मिलता है। गनीमत रही कि आसपास के लोगों की सजगता के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और नहर का पानी रोकवा दिया। सोमवार को नहर की मरम्मत का काम पूरा होगा। इसके बाद पानी छोड़ा जाएगा।
रविवार को अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम रिसाव ठीक करने के लिए मौके पर डटी रही। अभी तो नहर से पानी निकालने का कार्य चल रहा है। रिसाव से आसपास का पूरा पानी निकल जाने के बाद ही मरम्मत कार्य पूरा होगा। रायबरेली में शारदा सहायक नहर की दूरी करीब 80 किमी है। इस नहर से 300 माइनरें व रजबहे निकले हैं। नहर से निकली माइनरों व रजबहों से बछरावां, हरचंदपुर, महराजगंज, अमावां, राही, जगतपुर, ऊंचाहार, सलोन के करीब दो लाख किसान फसलों की सिंचाई करते हैं।
रघुनाथपुर कटैली गांव स्थित बेहटा पुल के पास नहर में रिसाव हो गया। अधिकारी व कर्मचारी इससे बेखबर रहे। बीती 23 जुलाई को अफसरों को सूचना दी गई। इसके बाद पानी रोका गया। आसपास के रहने वाले अर्जुन यादव, प्रमोद तिवारी, शत्रोहन सिंह बताते हैं कि नहर की मरम्मत काफी समय से नहीं कराई गई है। इसी कारण रिसाव हुआ। यदि नहर में कटान हो जाती तो आसपास के गांवों में पानी भर जाता। लोगों का यह भी कहना है कि रिसाव सई नदी के पास हुआ, इससे पानी नदी में बह गया। मरम्मत के लिए रविवार से क्षतिग्रस्त स्थल के पास पानी निकालने का काम शुरू कराया गया है।
आठ साल पहले कटान से मची थी तबाही
शारदा सहायक नहर में करीब आठ साल पहले आईटीआई के निकट केबल डालने के दौरान शारदा सहायक नहर की पटरी कई गई थी। इससे जैतूपुर, खसपरी समेत आसपास के खेतों और गांवों में पानी घुस गया था। इस मामले में एक्सईएन समेत कई अभियंताओं पर कार्रवाई भी हुई थी। इसके बावजूद जिले की सबसे बड़ी नहर की देखरेख और रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है।
शारदा सहायक नहर के बेहटा पुल के पास लीकेज होने के बाद जेसीबी से चल रहा मरम्मत कार्य।
शारदा सहायक नहर के बेहटा पुल के पास लीकेज होने के बाद जेसीबी से चल रहा मरम्मत कार्य।