रायबरेली। बलवा, हत्या की कोशिश आदि से जुड़े तीन दशक पुराने मामले में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य सोमवार को विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए। मामले में 30 नवंबर को अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार बरनवाल ने कैबिनेट मंत्री को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के आदेश दिए थे।
गौरतलब है कि बलवा, हत्या के प्रयास से जुड़े मामले की रिपोर्ट 30 जून 1987 को फायर बिग्रेड सर्विस के तत्कालीन हेड कांस्टेबल रामसूरत उपाध्याय ने कोतवाली डलमऊ में दर्ज कराई थी। उस समय स्वामी प्रसाद मौर्य लोकदल में थे। पुरवा ब्रांच में पानी और पुलिस की दबंगई के खिलाफ आंदोलन हो रहा था।
इसी दौरान एक व्यक्ति फायर बिग्रेड की गाड़ी के नीचे आ गया था, जिस पर काफी बवाल हुआ था। यह मामला काफी दिनों से चल रहा है। अभियोजन पक्ष ने इस मामले को वापस लेने के लिए पूर्व में प्रार्थनापत्र भी दिया था, जिसे कोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। मामले में अगली सुनवाई आठ जनवरी को होगी।